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Berlin : जर्मनी ने इजराइल को 800 मिलियन यूरो के हथियार निर्यात की दी मंज़ूरी

Berlin: Germany Approves €800 Million in Arms Exports to Israel

बर्लिन : (Berlin) जर्मनी (Germany) ने इस साल जनवरी से जून के बीच इज़राइल को करीब €800 मिलियन (लगभग 87,720 करोड़ रुपये) के हथियार और सैन्य उपकरण निर्यात की मंजूरी दी है। यह रकम पिछले साल जर्मनी द्वारा मंजूर किए गए हथियार निर्यात के कुल मूल्य से करीब चार गुना अधिक है। यह जानकारी जर्मन सरकार (German government) ने संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी।

रूस की अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) (Russia Today) ने बताया कि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मंजूर किए गए निर्यात के करीब एक-पांचवें हिस्से का संबंध जर्मनी-इज़राइल रक्षा सहयोग से था, जिससे जर्मन सेना को भी लाभ हुआ। कुल मंज़ूर राशि का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा आईएनएस ड्रेकॉन (INS Drakon) से जुड़ा बताया गया है। यह जर्मन शिपबिल्डर टीकेएमएस द्वारा इज़राइल के लिए बनाई गई लगभग 70 मीटर लंबी डॉल्फ़िन-II श्रेणी की पनडुब्बी है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह पनडुब्बी मंगलवार को जर्मनी के कील बंदरगाह (German port of Kiel) से रवाना हुई और इज़राइल की ओर जा रही है। इसे लंबे समय तक पानी के भीतर रहने में सक्षम बनाया गया है। जर्मन सरकार के मुताबिक बाकी मंज़ूर निर्यात में ऐसे सैन्य उपकरण शामिल हैं जिन्हें कानूनी तौर पर सीधे तौर पर ‘युद्ध के हथियार’ की श्रेणी में नहीं रखा जाता। इनमें छोटे हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और ड्रोन जैसे उपकरण शामिल हैं।

विपक्षी लेफ़्ट पार्टी (opposition Left Party) ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए उस पर इज़राइल को लेकर “दोहरे मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया है। सांसद ली रेसनर ने कहा कि जर्मन सरकार एक तरफ़ इज़राइली मंत्री इतामार बेन-ग्विर के बयानों पर नाराज़गी जताती है, जबकि दूसरी तरफ़ इज़राइली सरकार और सेना के साथ रक्षा सहयोग जारी रखती है।

जर्मनी ने अगस्त, 2025 में गाज़ा शहर (Gaza City in August 2025) पर इज़राइल के संभावित कब्ज़े की योजना के बाद इज़राइल को कुछ हथियारों के निर्यात पर अस्थायी रोक लगाई थी। हालांकि, अमेरिका की मध्यस्थता वाले हमास-इज़राइल युद्धविराम के बाद नवंबर में यह प्रतिबंध हटा दिया गया। इसके बाद भी गाज़ा और लेबनान में इज़राइली सैन्य अभियान जारी रहने को लेकर जर्मनी की हथियार निर्यात नीति पर सवाल उठते रहे हैं।

इसी बीच जर्मनी और इज़राइल के बीच सैन्य सहयोग भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। जर्मन नौसेना ने बुधवार को बताया कि उसने उत्तरी अटलांटिक में करीब 500 किलोमीटर की रेंज वाली इज़राइली बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। जर्मनी के पास अपनी कोई बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली नहीं है। उसकी लंबी दूरी की प्रमुख मिसाइल प्रणालियों में टॉरस क्रूज़ मिसाइल शामिल है।

इज़राइल के प्रति जर्मनी के लगातार समर्थन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आलोचना हुई है। दक्षिण अफ्रीका ने इज़राइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) (International Court of Justice) में नरसंहार के आरोप लगाए हैं, जिन्हें इजराइल खारिज करता है।

इसी पृष्ठभूमि में जर्मनी की इज़राइल नीति को लेकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जून में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीट हासिल करने में जर्मनी की असफलता को भी कुछ विश्लेषकों ने उसकी विदेश नीति और इज़राइल के प्रति उसके रुख से जोड़कर देखा है।