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Lucknow : शिक्षक ही भविष्य के निर्माता, सत्ता में आए तो बंद स्कूल खोलेंगे: अखिलेश यादव

Lucknow: Teachers are the creators of the future; if voted to power, we will reopen closed schools: Akhilesh Yadav

लखनऊ : (Lucknow) शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेस में शनिवार को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (National President and former Chief Minister Akhilesh Yadav) ने शिक्षकों को समाज और आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि, शिक्षक ही हमारे रक्षक हैं और शिक्षक ही बच्चों का भविष्य बनाते हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 26 हजार प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं और सत्ता में आने पर इन्हें दोबारा खोला जाएगा। उन्होंने जर्जर स्कूलों की फोटो या वीडियो बनाने पर मुकदमा दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंग्रेजों ने भी कभी शिक्षा पर मुकदमा दर्ज नहीं किया था, लेकिन आज ऐसा किया जा रहा है। शिक्षक दिवस पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए शिक्षा और शिक्षक के सम्मान का संकल्प लेने की अपील की।

सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने समारोह के बाद मीडिया से बात करते हुए सहारनपुर कलेक्ट्रेट में कथित अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि “वे लोग सनातनी कभी नहीं हो सकते, जो दूसरे धर्मों का सम्मान न करें और दूसरे की आस्था के साथ खिलवाड़ करें।”

उन्होंने कहा कि एक सच्चा हिंदू कभी दूसरे का अपमान नहीं कर सकता। “हमने तो यही सनातन में सीखा है।” ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा विश्व एक परिवार है और सच्चे सनातनी सौहार्द पसंद लोग होते हैं। सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

सपा अध्यक्ष ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के धन में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “भगवान प्रभु श्रीराम के धन में चोरी करते हुए ये लोग पकड़े गए।” अखिलेश ने दावा किया कि चढ़ावे की चोरी के मामले में एसआईटी बनाकर जेल भेजने की बात से संबंधित लोग घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है, इसलिए पूरे मामले को सांप्रदायिक एंगल देने की कोशिश की जा रही है।

हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट जाने का मौका क्यों नहीं?

सहारनपुर की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या हाईकोर्ट में न्याय नहीं मिल सकता था? क्या संबंधित लोग अपील के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकते थे? उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर कार्रवाई की, ताकि अगली अदालत में संबंधित लोगों को न्याय न मिल सके।

भाजपा पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि “जिन्होंने रामधन की डकैती की है, आस्था के पैसे की चोरी की है, वह घबराए हुए हैं।” उन्होंने भाजपा के चंदे को लेकर भी दावा किया कि भाजपा ने अपने शुरुआती दौर में मुस्लिम समाज से सबसे ज्यादा चंदा लिया था।