
200 करोड़ का हॉस्टल फंड मंजूर
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) ने सोमवार को मराठा, कुनबी और एसईबीसी वर्ग के छात्रों और युवाओं के हित में चार महत्वपूर्ण सरकारी आदेश जारी किए हैं। इन फैसलों से शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल भत्ता और रोजगार के क्षेत्र में सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने आज बताया कि डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (Directorate of Technical Education) (DTE) ने राज्य के सभी मंडलीय कार्यालयों और विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से मराठा समुदाय के छात्रों को भी ओबीसी श्रेणी के समान शैक्षणिक रियायतें और उपलब्ध सुविधाएं देने के आदेश दिए हैं। इससे तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे मराठा छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके तहत राज्य सरकार ने ईबीसी, ईडब्ल्यूएस और एसईबीसी श्रेणी के छात्रों के लंबित हॉस्टल सब्सिस्टेंस अलाउंस के भुगतान के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है।
डॉ. पंजाबराव देशमुख हॉस्टल सब्सिस्टेंस अलाउंस योजना (Dr. Panjabrao Deshmukh Hostel Subsistence Allowance Scheme) के तहत यह राशि संबंधित छात्रों को वितरित की जाएगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने मानसून सत्र में अनुपूरक मांग के माध्यम से उपलब्ध कराई गई इस राशि के वितरण के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही सारथी संस्था के माध्यम से दी जाने वाली विदेशी शिक्षा छात्रवृत्ति नीति (foreign education scholarship policy) में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब विदेशी विश्वविद्यालयों की ट्यूशन फीस सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान को दी जाएगी। इसके साथ ही छात्रवृत्ति राशि की अधिकतम सीमा हटा दी गई है। छात्रों को हर वर्ष 1,500 अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त सब्सिस्टेंस या कंटिंजेंसी अलाउंस दिया जाएगा। वहीं, ब्रिटेन में पढ़ाई करने वाले छात्रों को 1,100 पाउंड का अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। छात्रवृत्ति के लिए क्यूएस रैंकिंग के आधार पर नई मेरिट सूची प्रणाली भी लागू की गई है।
सारथी संस्था ने आईडीटीआरएस, पिंपरी-चिंचवाड़ के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत 1,440 मराठा और कुनबी युवाओं को एलएमवी, एचएमवी ड्राइविंग और कंडक्टर ट्रेनिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाला है। ट्रेनिंग के बाद कम से कम 1,000 लाभार्थियों को नौकरी या स्वरोजगार से जोडऩे की शर्त भी रखी गई है। सरकार के ये चार फैसले मराठा, कुनबी और एसईबीसी वर्ग के छात्रों और युवाओं के लिए शिक्षा, आर्थिक सहायता और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आंदोलन के बीच सरकार के इन कदमों को मराठा समुदाय (Maratha community) की लंबे समय से चली आ रही मांगों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
