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Mumbai/Palghar : पालघर अस्पताल हमले की जांच पर हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकारा

Mumbai/Palghar: High Court reprimands police over Palghar hospital attack investigation

मुंबई/पालघर : (Mumbai/Palghar) पालघर के एक निजी अस्पताल (private hospital in Palghar) में मेडिकल कर्मचारियों से मारपीट और तोड़फोड़ के मामले की जांच में लापरवाही बरतने पर बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने पालघर पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता (Justice A.S. Gadkari and Justice Kamal Khata) की पीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहद लापरवाह बताते हुए कहा कि संवेदनशील मामले में अब तक उचित जांच नहीं की गई। अदालत ने सवाल किया कि क्या पुलिस ने जुलाई में ठाणे के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों से हुई मारपीट की घटना से कोई सबक नहीं लिया। पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख (Palghar Superintendent of Police Yatish Deshmukh) ने अदालत को बताया कि प्राथमिकी में नामजद 10 आरोपियों में से शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के शहर प्रमुख राहुल घरात को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया गया है। बाकी नौ आरोपी अब भी फरार हैं। इस पर पीठ ने सवाल किया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने तत्काल कदम क्यों नहीं उठाए।

जांच में लापरवाही पर अदालत नाराज
पीठ ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस ने मामले की जांच ही नहीं की। अदालत ने पुलिस की ढिलाई को आरोपियों के फरार होने की प्रमुख वजह बताया। पीठ ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में तोड़फोड़, कर्मचारियों से मारपीट और डॉक्टरों को धमकी देने का मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है।

जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की चेतावनी
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पालघर पुलिस मामले की जांच में रुचि नहीं रखती है तो इसे मुंबई पुलिस की अपराध शाखा को सौंपने पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जताते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।

केस डायरी के रखरखाव पर भी सवाल
पीठ ने पुलिस द्वारा केस डायरी तैयार किए जाने और उसके रखरखाव के तरीके पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने सरकारी वकील शिशिर हिरय (Prosecutor Shishir Hiray) को पुलिस महानिदेशक से बात कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ संभावित कार्रवाई की जानकारी लेने का निर्देश दिया। सरकारी वकील ने बताया कि पुलिस महानिदेशक पालघर पुलिस से मामले के सभी रिकॉर्ड मंगाकर उचित कार्रवाई करेंगे। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

अस्पताल में तोड़फोड़ का क्या है मामला?
5 और 6 सितंबर की दरमियानी रात कई शिवसेना कार्यकर्ताओं के पालघर स्थित रिलीफ अस्पताल में घुसने का आरोप है। उस समय दही हांडी उत्सव के दौरान घायल हुए कुछ गोविंदा अस्पताल में भर्ती थे। आरोप है कि अस्पताल द्वारा अधिक शुल्क वसूले जाने का दावा करते हुए तोड़फोड़ की गई। डॉक्टरों को धमकाने, कर्मचारियों से मारपीट करने और आईसीयू में भर्ती घायल लोगों को कथित तौर पर जबरन अस्पताल से ले जाने के भी आरोप हैं। पुलिस ने शिवसेना के जिला प्रमुख कुंदन सांखे, शहर प्रमुख राहुल घरात, विधायक राजेंद्र गावित के बेटे और उपतालुका प्रमुख रोहित गावित समेत 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें राहुल घरात को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि नौ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। सात अन्य आरोपियों की पहचान अभी सामने नहीं आई है।