
शिमला : (Shimla) जिला परिषद शिमला (Shimla Zila Parishad) को 102 दिन बाद आज अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मिल जाएंगे। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए आज सुबह 10:30 बजे बचत भवन में बैठक होगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप (Deputy Commissioner Anupam Kashyap) की अध्यक्षता में चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। जिला प्रशासन ने चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सदस्यों को बैठक और चुनाव प्रक्रिया की जानकारी दे दी गई है। चुनाव के लिए बचत भवन में मतपेटियां भी रखी जा रही हैं।
जिला परिषद के चुनाव (Zila Parishad elections) के नतीजे 31 मई और 1 जून को घोषित किए गए थे। कुल 25 सदस्यों वाली जिला परिषद में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। अध्यक्ष पद पर जीत के लिए 13 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों को बहुमत के लिए निर्दलीय सदस्यों के समर्थन की जरूरत है।
चुनाव में जीतकर आए चार निर्दलीय सदस्य इस समय अहम स्थिति में हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में इनका समर्थन किसी भी दल के लिए निर्णायक हो सकता है। जिस दल के पास 13 सदस्यों का समर्थन होगा, उसके अध्यक्ष पद पर पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी। उपाध्यक्ष पद के लिए किसी निर्दलीय सदस्य के चुने जाने की संभावना भी बनी हुई है।
मौजूदा संख्या के हिसाब से भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। भाजपा के पास 11 सदस्य हैं और उसे दो निर्दलीय सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। इस तरह पार्टी 13 सदस्यों के समर्थन के आंकड़े तक पहुंच रही है। कांग्रेस की ओर से भी जीत का दावा किया जा रहा है। चुनाव के दौरान सदस्यों की ओर से क्रॉस वोटिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। ऐसे में वास्तविक स्थिति मतदान के बाद ही साफ होगी।
जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए अगस्त के पहले सप्ताह में भी बैठक बुलाई गई थी। उस समय भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के सदस्यों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया था। इसके चलते चुनाव नहीं हो सके थे। अब वीरवार को होने वाली बैठक जिला परिषद की दूसरी बैठक होगी।
नियमानुसार इस बैठक में कुल सदस्यों के 50 फीसदी यानी 13 सदस्यों के पहुंचने पर कोरम पूरा माना जाएगा। इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाए जा सकते हैं। चुनाव टाले जाने से संबंधित मामला प्रदेश हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही अब वीरवार को चुनाव करवाए जा रहे हैं।
जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर पिछले कुछ समय से कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान भी रही है। भाजपा ने चुनाव टाले जाने को लेकर सवाल उठाए थे। अब मतदान के बाद यह स्पष्ट होगा कि 25 सदस्यीय जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर किस दल को समर्थन मिलता है। वीरवार दोपहर तक चुनाव परिणाम सामने आने के बाद जिला परिषद की नई व्यवस्था भी स्पष्ट हो जाएगी।
