
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ सौरभ विजय (Saurabh Vijay, CEO of the Unique Identification Authority of India) ने कहा कि आधार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी चल रही है। इसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों (Non-Resident Indians) (एनआरआई) और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (ओसीआई) को भी डिजिटल पहचान (Overseas Citizens of India) तकनीक का लाभ दिलाना है।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 (Global Fintech Fest 2026) में परिचर्चा के दौरान विजय ने कहा कि यूआईडीएआई (UIDAI) का लक्ष्य आधार के बुनियादी ढांचे को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डिजिटल पहचान तंत्रों में शामिल करना है। इसके लिए विभिन्न प्रणालियों के बीच तालमेल की व्यवस्था विकसित करने पर काम हो रहा है।
उन्होंने बताया कि आधार के अंतरराष्ट्रीय इस्तेमाल के लिए कानूनी ढांचे पर भी काम चल रहा है। साथ ही, ओसीआई के लिए आधार उपलब्ध कराने संबंधी नीतियां तैयार की जा रही हैं, जिससे विदेशों से निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
विजय ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (National Payments Corporation of India) (एनपीसीआई) ने सम्मेलन में तीन नए उत्पाद पेश किए हैं। इनमें से कुछ के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की संभावनाएं हैं। वित्तीय लेनदेन के प्रमाणीकरण के लिए यूआईडीएआई एनपीसीआई के साथ मिलकर काम करता है।
यूआईडीएआई छोटे कारोबारियों के लिए आधार आधारित केवाईसी की सुविधा देने संबंधी दिशानिर्देश तैयार कर रहा है। विजय के मुताबिक डिजिटल केवाईसी (digital KYC) से ग्राहकों को जोड़ने की प्रक्रिया आसान हुई है और यूआईडीएआई के साझेदारों का समय भी बचा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए यूआईडीएआई ‘आधार लाइट’ (Aadhaar Lite) जैसे नए उत्पादों पर काम कर रहा है। इससे संबंधित दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।
