बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

खोजें (Search News)

ताजा खबर
13:19चेतना सिंह ने लॉन्च किया नया डिजिटल मनोरंजन मंच•06:55मध्य रेल ने माल ढुलाई से 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया•07:28Nanded : किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा: सुनेत्रा पवार•12:03New Delhi : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा- बैंक कर्मचारियों को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराएं•07:17Islamabad : पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी•11:51Mumbai : एनएसई के शेयर की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: आशीष चौहान•10:33New Delhi : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल•10:20Mumbai : साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच हो : उदय भानू चिंब•13:19चेतना सिंह ने लॉन्च किया नया डिजिटल मनोरंजन मंच•06:55मध्य रेल ने माल ढुलाई से 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया•07:28Nanded : किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा: सुनेत्रा पवार•12:03New Delhi : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा- बैंक कर्मचारियों को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराएं•07:17Islamabad : पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी•11:51Mumbai : एनएसई के शेयर की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: आशीष चौहान•10:33New Delhi : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल•10:20Mumbai : साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच हो : उदय भानू चिंब•

Paris : यमन के लड़ाकों ने निर्देशित हथियार बनाने में एआई का किया इस्तेमाल

Paris: Yemeni fighters used AI to develop guided weapons

पेरिस : (Paris) अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक (US AI company Anthropic) ने कहा कि यमन में एक समूह ने उसके ‘क्लॉड चैटबॉट’ (‘Claude chatbot’) का इस्तेमाल निर्देशित रॉकेट और मिसाइल विकसित करने की कोशिश की। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब ईरान समर्थित हूती विद्रोही (Houthi rebels) यमन में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चला रहे हैं। एंथ्रोपिक ने गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया कि उसने उत्तरी यमन में सक्रिय एक समूह की पहचान की, जो हथियारों के विकास से जुड़े तीन कार्यक्रम चला रहा था। कंपनी के अनुसार इनमें एक निर्देशित रॉकेट, 2,000 किलोमीटर से अधिक की लक्ष्य क्षमता वाली बहु-चरणीय बैलिस्टिक मिसाइल और हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन वाले एक संस्करण समेत कई तरह की मिसाइलें शामिल थीं। कंपनी ने कहा कि इस समूह ने हवा में उड़ने वाले हथियारों के मार्गदर्शन, नेविगेशन और नियंत्रण (जीएनसी) (guidance, navigation, and control) सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए क्लॉड का इस्तेमाल किया। ऐसा काम आमतौर पर इंजीनियरों की एक टीम की जरूरत वाला होता है। एंथ्रोपिक ने कहा कि उसके पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि समूह किसी परिचालन हथियार को तैनात करने में सफल रहा। हालांकि, उसने एक निर्देशित रॉकेट का परीक्षण जरूर किया था। कंपनी के मुताबिक, यह परीक्षण संभवत: विफल रहा और कुछ ही घंटों के भीतर समूह ने क्लॉड का दोबारा इस्तेमाल कर यह पता लगाने की कोशिश की कि रॉकेट क्यों विफल हुआ।