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Mumbai : पुलिस अनुमति नहीं मिलने पर भी 15 सितंबर को मुंबई कूच करेंगे मनोज जरांगे

Mumbai: Despite not receiving police permission, Manoj Jarange will march to Mumbai on September 15th

मुंबई : (Mumbai) मराठा आरक्षण आंदोलन (Maratha leader Manoj Jarange) के लिए मुंबई में पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मराठा नेता मनोज जरांगे ने रविवार को स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी भी हालत में नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि वे रविवार से सलाइन और पानी लेना भी बंद कर देंगे और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर को जालना से मुंबई के लिए रवाना होंगे। जरांगे ने कहा कि 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचकर वे वहां आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रखेंगे।

जालना में 29 अगस्त से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे जरांगे ने पत्रकारों से कहा कि सरकार कथित तौर पर साजिश के तहत उनके मुंबई आंदोलन को रोकना चाहती है। इसी वजह से पुलिस इस बार आंदोलन की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष गणेशोत्सव के दौरान उनके आंदोलन को अनुमति दी गई थी।

जरांगे ने कहा कि वह तय कार्यक्रम के अनुसार जालना से मुंबई के लिए रवाना होंगे। सरकार चाहे तो उन पर गोलियां चला सकती है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार कर आंदोलन की अनुमति देने की मांग की।

पुलिस ने इन कारणों से नहीं दी अनुमति

जरांगे के आंदोलन की अनुमति के संबंध में मराठा नेता वीरेंद्र पवार (Maratha leader Virendra Pawar) रविवार को आजाद मैदान पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। हालांकि, पुलिस ने कई कारणों का हवाला देते हुए आंदोलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

पुलिस के अनुसार, मुंबई में 14 सितंबर से गणेशोत्सव शुरू हो रहा है। इस दौरान शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रहेगी। ऐसे में हजारों प्रदर्शनकारियों के मुंबई पहुंचने से कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के सामने चुनौती पैदा हो सकती है।

पुलिस ने अनुमति नहीं देने के लिए उच्चतम न्यायालय के अमित साहनी मामले में दिए गए आदेश, बॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) के आदेश और राज्य सरकार के आंदोलन संबंधी निर्देशों का भी हवाला दिया है। जरांगे की ओर से दिए गए आवेदन में करीब 4,000 से 4,500 प्रदर्शनकारियों के मुंबई पहुंचने की बात कही गई है। पुलिस का कहना है कि आजाद मैदान में इतनी बड़ी संख्या में लोगों को समायोजित करने की पर्याप्त क्षमता नहीं है।

पुलिस के मुताबिक, 2024 में हुए मराठा आंदोलन के दौरान करीब पांच हजार प्रदर्शनकारी मुंबई पहुंचे थे। उस समय यातायात, स्कूल, कारोबार और अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हुई थीं। पुलिस को आशंका है कि इस बार भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से शहर की सामान्य व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा आंदोलन से पहले मुंबई बंद के आह्वान को भी पुलिस ने गंभीरता से लिया है। उसके अनुसार, इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा, बड़े जमावड़े की अपील

पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बाद जरांगे ने मराठा समुदाय के लोगों से बड़ी संख्या में मुंबई पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान किसी मराठा युवक का खून बहा तो वे महज दस मिनट में पूरे महाराष्ट्र में बंद का आह्वान करेंगे।

जरांगे ने मुंबई नहीं पहुंच पाने वाले लोगों से आंदोलन के मार्ग पर करीब 150 किलोमीटर तक साथ चलने की अपील भी की। उन्होंने मराठा महिलाओं से भी बड़ी संख्या में मुंबई पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।