
नई दिल्ली : (New Delhi) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) (Enforcement Directorate) ने कहा है कि केंद्र सरकार (Central Government) ने विभाग के लंबे समय से लंबित कैडर पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत उसके स्वीकृत पदों में 60 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इस पुनर्गठन के बाद ईडी की स्वीकृत पद संख्या 2,029 से बढ़कर 3,256 हो जाएगी।
ईडी ने बेंगलुरु स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) (Indian Institute of Management) में 14 और 15 सितंबर को आयोजित 36वें त्रैमासिक क्षेत्रीय अधिकारियों के सम्मेलन (क्यूसीजेडओ) (36th Quarterly Zonal Officers’ Conference) के बाद जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। सम्मेलन की अध्यक्षता ईडी के निदेशक ने की, जिसमें मुख्यालय और विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
ईडी के अनुसार, कैडर पुनर्गठन के तहत ईडी के प्रवर्तन निदेशालय के ढांचे का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) (Prevention of Money Laundering Act) से जुड़े 50 जोन और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) (Foreign Exchange Management Act) के लिए दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पांच समर्पित जोन बनाए जाएंगे। निदेशालय की कार्य इकाइयों की संख्या 131 से बढ़ाकर 241 की जाएगी। इस व्यवस्था को 01 जनवरी 2027 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
सम्मेलन में ईडी निदेशक ने अधिकारियों को आर्थिक अपराधों, बैंक धोखाधड़ी, बिल्डर-खरीदार धोखाधड़ी, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) (Insolvency and Bankruptcy Code) से जुड़े मामलों और साइबर अपराधों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और मुकदमों में दोषसिद्धि बढ़ाने पर जोर दिया।
सम्मेलन में यह भी तय किया गया कि प्रत्येक क्षेत्र कम-से-कम दस महत्वपूर्ण मामलों की पहचान कर उनके मुकदमों को छह से आठ महीने के भीतर अंतिम चरण तक पहुंचाने का प्रयास करेगा। साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों को वास्तविक पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
ईडी ने बताया कि अब तक 76 मामलों में 73,800 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया के तहत चिह्नित या हस्तांतरित की जा चुकी हैं। सम्मेलन में तकनीक, साइबर फॉरेंसिक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों की जांच क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।
