
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान सुनील कुमार (Sunil Kumar, captain of the Indian men’s kabaddi team) का मानना है कि एशियाई खेलों के लिए टीम की लंबे समय से तैयारी चल रही है। भारत की टीम अनुभवी खिलाड़ियों, स्थापित सितारों और युवा प्रतिभाओं के मिश्रण के साथ प्रतियोगिता में उतरेगी।
हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे 27 वर्षीय डिफेंडर सुनील कुमार (Sunil Kumar)को टीम की कप्तानी सौंपी गई है। 12 सदस्यीय टीम में हांगझोउ स्वर्ण पदक विजेता टीम के चार खिलाड़ी सुनील, अर्जुन देशवाल, असलम इनामदार और पवन सहरावत (Sunil, Arjun Deshwal, Aslam Inamdar, and Pawan Sehrawat) शामिल हैं। टीम में प्रो कबड्डी लीग के 12वें सत्र के कई अनुभवी कप्तान और उपकप्तान भी हैं। इनमें आशु मलिक, जयदीप दहिया, देवांक दलाल और राहुल सेठपाल (Ashu Malik, Jaideep Dahiya, Devank Dalal, and Rahul Sethpal) शामिल हैं, जबकि अयान लोहचब जैसे युवा खिलाड़ियों को भी टीम में जगह मिली है। टीम के 12 में से आठ खिलाड़ी अपने-अपने प्रो कबड्डी लीग टीमों के मौजूदा कप्तान या उपकप्तान हैं।
सुनील ने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण और कबड्डी महासंघ ने एशियाई खेलों से छह से आठ महीने पहले ही टीम का शिविर शुरू कर दिया था। इससे खिलाड़ियों को टीम संयोजन, रणनीति और व्यक्तिगत कौशल पर पर्याप्त समय तक काम करने का अवसर मिला। उन्होंने साई मीडिया से बातचीत में कहा, “तैयारी बहुत अच्छी रही है, क्योंकि हमारे महासंघ और भारतीय खेल प्राधिकरण ने छह से आठ महीने पहले ही शिविर शुरू कर दिया था। हमने टीम संयोजन और रणनीति अच्छी तरह तैयार की है। हमने पहले भारतीय खेल प्राधिकरण बेंगलुरु में अभ्यास किया, फिर बेल्लारी गए और अब हमारा शिविर भारतीय खेल प्राधिकरण गांधीनगर में चल रहा है।”
लंबी तैयारी के कारण टीम के खिलाड़ी अंतिम समय में संयोजन और भूमिकाएं तय करने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों और रणनीति को लेकर अधिक स्पष्टता के साथ एशियाई खेलों में उतरेंगे। सुनील ने कहा कि टीम ने रणनीति, संयोजन, फिटनेस और व्यक्तिगत कौशल सहित खेल के हर पहलू पर काम किया है। उन्होंने कहा, “सिर्फ एक खिलाड़ी के प्रयास से आप जीत नहीं सकते। इस बार हमारी रेडिंग और डिफेंस दोनों इकाइयां काफी मजबूत हैं। अगर आप रेडर्स या डिफेंडर्स को देखें तो हमारी टीम में काफी हद तक कबड्डी के शीर्ष खिलाड़ी मौजूद हैं।”
सुनील ने कहा, “हमने पूरी तैयारी की है। हमने अपनी रणनीति, टीम संयोजन, फिटनेस और व्यक्तिगत कौशल पर काम किया है। अब प्रतियोगिता शुरू होने पर हमें इन सभी चीजों को सही तरीके से मैदान पर उतारना होगा। एक खिलाड़ी का प्रयास पर्याप्त नहीं होगा। सभी को योगदान देना होगा। हमारे रेडर्स, डिफेंडर्स और ऑलराउंडर्स को एक टीम के रूप में मिलकर खेलना होगा।”
भारत एशियाई खेलों में पुरुष कबड्डी की अपनी स्वर्णिम परंपरा को आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ उतरेगा। हांगझोउ में स्वर्ण जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे सुनील ने कहा कि वह अपने वरिष्ठ खिलाड़ियों द्वारा बनाई गई विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे वरिष्ठ खिलाड़ियों ने टीम को एक अलग पहचान दी और भारत के लिए कई स्वर्ण पदक जीते। हम उस विरासत को बनाए रखना चाहते हैं, भारत के पदकों की संख्या में एक और स्वर्ण जोड़ना चाहते हैं और अपने दिग्गजों द्वारा बनाए गए रास्ते पर आगे बढ़ना चाहते हैं।”
कप्तान के तौर पर सुनील की भूमिका भारतीय डिफेंस को संगठित करने और दबाव के क्षणों में खिलाड़ियों के बीच तालमेल बनाए रखने में अहम होगी। उन्होंने कहा कि टीम भारतीय कबड्डी की पहचान को बनाए रखते हुए एकजुट होकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। सुनील ने कहा, “हम उस पहचान को बनाए रखना चाहते हैं, जो हमारे वरिष्ठ खिलाड़ियों ने भारतीय कबड्डी के लिए बनाई है। हम एक टीम के रूप में मिलकर काम करना चाहते हैं और एशियाई खेलों में जब मौका आएगा तो अपना सब कुछ झोंक देना चाहते हैं।”
आइची-नागोया एशियाई खेलों में कबड्डी प्रतियोगिता आइची प्रांत के तोकाई शहर स्थित तोकाई सिटीजन जिम्नेजियम (Aichi-Nagoya Asian Games will be held at the Tokai Citizen Gymnasium in Tokai City, Aichi Prefecture) में आयोजित होगी। पुरुष और महिला वर्ग के फाइनल 26 सितंबर को खेले जाएंगे, जबकि भारतीय टीम का अभियान 21 सितंबर से शुरू होगा।
