
उल्हासनगर : (Ulhasnagar) शहर के उल्हासनगर-3 स्थित ओटी सेक्शन (Ganesh Ganga Apartment complex in the OT Section of Ulhasnagar-3) के गणेश गंगा अपार्टमेंट परिसर में शनिवार देर रात करीब 12 बजे दर्दनाक हादसे में 26 वर्षीय करिश्मा मधवानी (26-year-old woman, Karishma Madhwani) की करंट लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करिश्मा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के लोहे के पोल के संपर्क में आ गई थीं। आशंका जताई जा रही है कि पोल में विद्युत प्रवाह होने के कारण उन्हें तेज करंट लगा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बंद कैमरे, लेकिन पोल में बिजली?
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों और उनके विद्युत सुरक्षा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। नागरिकों का कहना है कि शहर में सुरक्षा के लिए लगाए गए कई सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं, लेकिन उनके पोलों में बिजली की आपूर्ति कथित तौर पर जारी है। लोगों का आरोप है कि नियमित तकनीकी जांच, रखरखाव और विद्युत सुरक्षा परीक्षण के अभाव में सुरक्षा के लिए लगाए गए यही ढांचे अब जानलेवा खतरा बनते जा रहे हैं।
316 कैमरों में करीब 125 प्रभावित
कुछ दिन पहले पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे (Deputy Commissioner of Police Sachin Gore) ने जानकारी दी थी कि शहर में कुल 316 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से करीब 125 कैमरे बारिश के दौरान विद्युत लाइन प्रभावित होने के कारण बंद हो गए थे। प्रभावित लाइन की मरम्मत का काम तेजी से चलने और अगले 2 से 3 दिनों में कैमरों को दोबारा शुरू किए जाने की संभावना जताई गई थी।
रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनी के पास
जानकारी के अनुसार शहर के सीसीटीवी नेटवर्क के तकनीकी रखरखाव की जिम्मेदारी मैट्रिक्स कंपनी (company named Matrix) के पास है। कैमरों की खराबी दूर करने के लिए पुलिस विभाग की ओर से कंपनी को पत्र भी भेजा गया है। हालांकि, ताजा हादसे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि कैमरों और उनके पोलों की विद्युत सुरक्षा की नियमित जांच किस स्तर पर की जा रही थी।
नागरिकों ने मांगी पोलों की तत्काल जांच
करिश्मा मधवानी की मौत के बाद नागरिकों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से शहरभर में लगे सभी सीसीटीवी पोलों की तत्काल तकनीकी जांच कराने, अर्थिंग और विद्युत सुरक्षा परीक्षण करने, बंद कैमरों की बिजली आपूर्ति बंद करने तथा लापरवाही सामने आने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि जनता की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी पोल यदि स्वयं करंट का खतरा बन जाएं, तो उनकी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी तय करना बेहद जरूरी है।
