
39 हजार झोपड़ियों पर कार्रवाई के फैसले का कांग्रेस ने किया विरोध
मुंबई : (Mumbai) मुंबई में 14 फुट से अधिक ऊंचाई वाली झोपड़ियों के खिलाफ महानगरपालिका द्वारा प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने विरोध जताया है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ (Mumbai Congress President and MP Varsha Gaikwad) ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) से इस अभियान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना पुनर्वास के झोपड़ियों को गिराने से हजारों गरीब और मेहनतकश परिवार बेघर हो सकते हैं।
पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई में बड़ी संख्या में गरीब और मेहनतकश परिवार झोपड़ियों में रहते हैं। ऐसे परिवारों के घरों पर कार्रवाई करने से पहले सरकार और महानगरपालिका (government and the Municipal Corporation) को उनके उचित पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बीएमसी क्षेत्र में करीब 90 लाख झोपड़ीवासी रहते हैं और मुंबई के लगभग 24 प्रतिशत भू-भाग पर झोपड़ियां बसी हैं।
18 फुट से 14 फुट के नियम पर सवाल
गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि पहले 18 फुट तक ऊंची झोपड़ियों को संरक्षण देने की बात कही गई थी, लेकिन अब 14 फुट से अधिक ऊंची झोपड़ियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने महानगरपालिका प्रशासन और सत्तारूढ़ भाजपा-शिवसेना से इस बदलाव पर स्पष्टीकरण मांगा।
गरीबों को विस्थापित करने का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक अक्टूबर से प्रस्तावित कार्रवाई गरीब झोपड़ीवासियों को मुंबई से बाहर करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने धारावी पुनर्विकास का उल्लेख करते हुए भी आरोप लगाया कि पुनर्विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के विस्थापन का खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार और बीएमसी पर बड़े कारोबारी हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए मुंबई की महत्वपूर्ण जमीनों और विकास योजनाओं में बदलाव का भी मुद्दा उठाया।
भाजपा-शिवसेना से स्पष्टीकरण की मांग
गायकवाड़ ने भाजपा और शिवसेना (Shiv Sena) (Shinde) से 14 फुट से अधिक ऊंची झोपड़ियों पर कार्रवाई के फैसले को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना पुनर्वास के झोपड़ियां गिराने की कार्रवाई का विरोध करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर कार्रवाई रोकने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की।
