
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन (Union Home Secretary Govind Mohan) ने सीएपीएफ में जारी आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को सही ठहराया है। आतंकवाद, विद्रोह और उग्रवाद से निपटने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस/केंद्रीय सशस्त्र बलों (सीएपीएफ) के बीच तालमेल के लिए आईपीएस व सेना की प्रतिनियुक्ति बहुत जरूरी है। सरकार, सीएपीएफ की अलग पहचान और ऑपरेशनल क्षमता को बनाए रखने के लिए आईपीएस की मौजूदगी को आवश्यक मानती है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट आदेश (Supreme Court’s order) के दो सितंबर के आदेशों के अनुपालन में केंद्रीय गृह सचिव द्वारा दिए गए शपथ पत्र में यह बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना केस की देरी को माफ करते हुए यह नोटिस जारी किया है कि अगली सुनवाई में भारत के अटॉर्नी जनरल (Attorney General of India) मौजूद रहें। मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।
