
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (petrol, diesel, and LPG) की सप्लाई स्थिर बनी हुई है। पश्चिम एशिया संकट के बावजूद रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। साथ ही कच्चे तेल का स्टॉक भी पर्याप्त मात्रा में बनाए रखा जा रहा है।
पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नई दिल्ली में अंतर-मंत्रालयी पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस (LPG cylinders) की सप्लाई स्थिर बनी हुई है। रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का स्टॉक भी पर्याप्त मात्रा में बनाए रखा जा रहा है।
सुजाता शर्मा (Sujata Sharma) ने अपने संबोधन में कहा कि हालांकि, कुछ रिटेल आउटलेट्स पर बिक्री में असामान्य रूप से तेज़ी देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि औद्योगिक, प्रत्यक्ष, संस्थागत और व्यावसायिक और कमर्शियल ग्राहकों ने अब रिटेल आउटलेट्स से ईंधन खरीदना शुरू कर दिया है, जिससे वहां बिक्री बढ़ गई है। मई में, 42 करोड़ डीज़ल की बिक्री बल्क से रिटेल आउटलेट्स पर शिफ्ट हो गई।
पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा (Opesh Kumar Sharma) ने बताया कि एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ 62,370 एमटी एलएनजी कार्गो लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर चुका है। उन्होंने कहा कि इस जहाज के 18 जून को दहेज पहुंचने की उम्मीद है।
ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, नाविकों की भलाई सुनिश्चित करने और उन्हें हर तरह की मदद देने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में विगत 28 फरवरी से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच आज शांति समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते पर स्विटजरलैंड में 19 जून को हस्ताक्षर किए जाएंगे।
