
मुंबई : (Mumbai) ‘मुंबई मेट्रो’ ग्रामीण इलाकों से डेयरी प्रोडक्ट्स और दूसरे खेती के प्रोडक्ट्स के बड़े मार्केट तक पहुंचने का एक बड़ा और असरदार ज़रिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने भरोसा जताया कि इससे मुंबई में ग्रामीण प्रोडक्ट्स के लिए ज़रूर एक सही मार्केट मिलेगा।
वे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मेट्रो स्टेशन (Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus Metro Station) पर वर्ना कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन के डेयरी प्रोडक्ट सेल्स स्टॉल के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, दुग्ध विकास मंत्री अतुल सावे (Dairy Development Minister Atul Save) सहित वरिष्ठ नेता व अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई मेट्रो-3 शहर की नई लाइफलाइन है। यह एशिया की सबसे लंबी सिंगल-वे अंडरग्राउंड मेट्रो है। यह मेट्रो न सिर्फ़ एक ट्रांसपोर्ट सुविधा है बल्कि आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्लेटफॉर्म भी है। मेट्रो स्टेशनों पर शुरू हुई कमर्शियल एक्टिविटीज से ग्रामीण उत्पाद सीधे शहरी ग्राहकों तक पहुंचने का मौका मिला है। कोल्हापुर और महाराष्ट्र (Kolhapur and Maharashtra) के किसानों के बनाए गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद अब इन दुकानों के ज़रिए मुंबई जैसे मार्केट में मिलेंगे। इससे न केवल किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा, बल्कि ग्राहकों को भी गुणवत्ता वाले उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे। मेट्रो स्टेशनों पर इस तरह की सुविधाओं से रोजगार पैदा होगा, व्यापार बढ़ेगा और गांवों की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने वार्ना ग्रुप की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेट्रो स्टेशन पर शुरू किया गया वार्ना स्टॉल सिर्फ़ एक कमर्शियल एक्टिविटी नहीं है, बल्कि कोल्हापुर जिले के किसानों के आत्म-सम्मान का प्रतीक है। वारणा समूह के अध्यक्ष व विधायक विनायक कोरे (Varna Group Chairman and MLA Vinayak Kore) ने कहा कि समूह की ओर से रोजाना करीब डेढ़ लाख किसान प्रोड्यूसर्स से दूध इकट्ठा किया जाता है। मेहनताना नियमित किसानों तक पहुंचाया जाता है। मेट्रो स्टेशनों पर स्टॉल यह पक्का करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि इन किसानों के बनाए डेयरी उत्पाद मुंबई जैसे बड़े मार्केट तक सीधे पहुंच सकें। ये स्टॉल न सिर्फ मुंबई के ग्राहकों को अच्छी गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद देंगे बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।
