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Ammonia Gas Leak Tragedy : तिरुवल्लूर हादसे में मृतकों की संख्या नौ पहुंची

Ammonia Gas Leak Tragedy: Death toll rises to nine in Tiruvallur accident

67 श्रमिक अब भी अस्पतालों में भर्ती
तिरुवल्लूर : (Tiruvallur)
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण (seafood processing) फैक्ट्री में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। मंगलवार को उपचार के दौरान दो और श्रमिकों की मौत हो जाने के बाद यह आंकड़ा नौ तक पहुंच गया। वहीं, 67 लोग अब भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस दुर्घटना से कुल 77 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावितों में असम के 20, ओडिशा के 29, झारखंड के आठ तथा तमिलनाडु के पांच श्रमिकों के अलावा अन्य श्रमिक शामिल हैं। अधिकांश पीड़ित प्रवासी मजदूर हैं, जो फैक्ट्री में कार्यरत थे और परिसर के आसपास ही निवास कर रहे थे।

अस्पतालों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेन्नई स्थित वेल्स अस्पताल में भर्ती 33 मरीजों में से तीन की उपचार के दौरान मृत्यु हो चुकी है, जबकि दो मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वर्तमान में वहां 28 लोगों का इलाज चल रहा है। तिरुवल्लूर के वेंकटेश्वरा अस्पताल (Venkateshwara Hospital in Tiruvallur) में भर्ती 19 मरीजों में से एक व्यक्ति की मौत हुई है और 18 मरीज उपचाराधीन हैं।

इसी प्रकार चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी अस्पताल (Rajiv Gandhi Government Hospital in Chennai) में भर्ती 13 मरीजों में से दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 11 मरीजों का उपचार जारी है। स्टैनली सरकारी अस्पताल में भर्ती 12 मरीजों में से दो लोगों ने दम तोड़ दिया है और शेष 10 मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

चिकित्सकों के अनुसार, अमोनिया गैस के संपर्क में आने से प्रभावित मरीजों में सांस लेने में कठिनाई, आंखों और श्वसन तंत्र में गंभीर जलन, लगातार खांसी तथा फेफड़ों से संबंधित जटिलताएं देखी गई हैं। कई गंभीर मरीजों को आईसीयू में भर्ती कर विशेष निगरानी में रखा गया है।

दुर्घटना में अब तक जिन लोगों की मौत हुई है उनमें शिबानी, जुमानी जुआंग, गीता जुआंगा, पूर्णिमा जुआंगा, संबापति जुआंगा और प्रभावती जुआंगा शामिल हैं। ये सभी ओडिशा के निवासी बताए गए हैं। मृतकों में असम निवासी चिट्टा हस्ता भी शामिल है। इनके अतिरिक्त एक अज्ञात पुरुष और एक अज्ञात महिला भी शामिल हैं।

राज्य सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा मानकों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी। प्रशासन ने फैक्ट्री परिसर को निगरानी में लेकर तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

इस बीच प्रभावित श्रमिकों के परिजनों में शोक और चिंता का माहौल है। विभिन्न राज्यों से आए मजदूरों के परिवार लगातार अस्पतालों और प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में हैं। जिला प्रशासन ने सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

उल्लेखनीय है कि यह हादसा 21 जून को तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के निकट कन्निगैपेर गांव स्थित सेंट पीटर एंड पॉल सीफूड एक्सपोर्ट कंपनी में हुआ था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, फैक्ट्री के शीतलन (कूलिंग) सिस्टम में लगे एक पाइप से अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में गैस पूरे परिसर में फैल गई, जिससे वहां मौजूद श्रमिक और कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गैस रिसाव के बाद कई श्रमिकों को अचानक सांस लेने में दिक्कत, आंखों में तेज जलन और घबराहट महसूस होने लगी। स्थिति तेजी से बिगड़ने पर कई लोग बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन एवं बचाव विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया और प्रभावितों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया।