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Mumbai : मुनावले जल पर्यटन परियोजना

Mumbai: Munavale Water Tourism Project

मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) ने राज्य में जल पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सातारा जिले की मुनावले जल पर्यटन परियोजना (Munavale water tourism project in Satara district) को गति देने का फैसला किया है। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई (Tourism Minister Shambhuraj Desai) ने संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ परियोजना का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भी महत्वाकांक्षी परियोजना है।

सातारा को जल पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी
विधान भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई और सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले (Public Works Minister Shivendrasinhraje Bhosale) ने परियोजना की प्रगति, आवश्यक बुनियादी ढांचे और भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। सरकार का लक्ष्य सातारा जिले को महाराष्ट्र के प्रमुख जल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

शिवसागर जलाशय बनेगा विश्वस्तरीय एक्वा टूरिज्म हब
बैठक में मुनावले स्थित शिवसागर जलाशय क्षेत्र को विश्वस्तरीय जल पर्यटन केंद्र (एक्वा टूरिज्म हब) (world-class water tourism center) के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और विशाल जलस्रोत इसे जल पर्यटन के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। परियोजना के तहत नौकायन, जल क्रीड़ा गतिविधियां, पर्यटक सुविधा केंद्र और अन्य आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

92 करोड़ रुपये से अधिक होगी परियोजना की लागत
बैठक में परियोजना की रूपरेखा, प्रशासनिक स्वीकृतियों और आवश्यक बुनियादी ढांचे की समीक्षा की गई। पर्यटन मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रशासनिक मंजूरियां और विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमतियां तय समय में प्राप्त की जाएं। अधिकारियों ने बताया कि संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार परियोजना की लागत बढ़ाकर 92 करोड़ रुपये से अधिक कर दी गई है तथा आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

प्रतापगढ़ में वीर जिवाजी महाले का बनेगा भव्य स्मारक
समीक्षा बैठक में प्रतापगढ़ किला (Pratapgad Fort) के पर्यटन विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जिवाजी महाले की पूर्णाकृति प्रतिमा सहित भव्य स्मारक (Grand Memorial for Veer Jivaji Mahale to be Built in Pratapgad) के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को स्मारक के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप देने और आगे की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में लिया हिस्सा
बैठक में पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय खंदारे, पर्यटन निदेशालय के निदेशक मंगेश जोशी, उप सचिव संतोष रोकड़े, उप सचिव विजय पवार तथा सातारा के जिलाधिकारी संतोष पाटिल सहित वन विभाग, जल संसाधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक के अंत में पर्यटन मंत्री ने सभी विभागों को समन्वय के साथ दोनों परियोजनाओं का कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।