
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली सरकार ने बिजली कंपनियों (Discoms) के कैग ऑडिट के आदेश जारी कर दिए है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद (Delhi Energy Minister Ashish Sood) ने कहा कि दिल्ली के डिस्कॉम्स के कैग ऑडिट (CAG audit of Delhi’s Discoms) का औपचारिक आदेश दिल्ली के बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह दिल्ली के प्रत्येक बिजली उपभोक्ता और प्रत्येक ईमानदार करदाता की जीत है।
मंत्री सूद ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए कहा कि लगभग 38 हजार करोड़ रुपये के रेगुलेटरी एसेट्स लगातार कैसे बढ़ते गए और इसका लाभ किसे मिला, जबकि इसका बोझ दिल्ली के लोगों पर पड़ा। कैग ऑडिट इन सभी तथ्यों को सामने लाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के बाद वर्षों तक अनेक वित्तीय निर्णय, विशेष व्यवस्थाएं और लगातार बढ़ती देनदारियां की सार्वजनिक जांच नहीं हो सकी। पिछली आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) (AAP) सरकार ने व्यवस्था की जांच करने के बजाय उसे संरक्षण देने का काम किया। उन्होंने कहा कि जो कार्य आआपा दस वर्षों में नहीं कर सकी, हमारी सरकार ने कुछ ही महीनों में उसकी शुरुआत कर दी है।
मंत्री सूद ने कहा कि यह केवल पूर्व सरकार के कामों की जांच नहीं है बल्कि यह ऑडिट तो दिल्ली के बिजली क्षेत्र (Delhi’s power sector) में व्यापक सुधारों की आधारशिला है। इसकी वास्तविक सफलता उन सुधारात्मक कदमों, अधिक प्रभावी नियमन और मजबूत जवाबदेही से तय होगी जो इसके बाद लागू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली का कोई भी ईमानदार करदाता किसी के निजी हितों, विशेष कृपा या गलत निर्णयों की कीमत चुकाने के लिए मजबूर नहीं होगा। जनता के धन का प्रत्येक रुपया सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
