
मैं खुद एक डॉक्टर हूँ, डॉक्टरों पर हिंसा और कानून हाथ में लेना कतई बर्दाश्त नहीं: सांसद शिंदे
अभय त्रिपाठी
डोंबिवली : (Dombivli) कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) (Kalyan-Dombivli Municipal Corporation) के शास्त्रीनगर अस्पताल (Shastri Nagar Hospital) में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित मारपीट का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। पूरे दिन डोंबिवली के राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर जबरदस्त हलचल रही और मामला विधानसभा तक पहुंच गया। बढ़ते दबाव और गंभीर होती स्थिति के बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी नगरसेवक रमेश म्हात्रे को उनके सहयोगियों सहित गिरफ्तार कर लिया।
चार आरोपी गिरफ्तार
कल्याण परिमंडल के पुलिस उपायुक्त अतुल झेंडे (Atul Zende, Deputy Commissioner of Police) ने बताया कि शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई मारपीट के मामले में विष्णुनगर पुलिस ने डॉ. वैभव सालुंखे (Dr. Vaibhav Salunkhe) की शिकायत पर एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी रमेश म्हात्रे, प्रमोद निकम, अक्षय करांडे और राजेश पवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
आम लोगों में भी नाराजगी
घटना के बाद आम नागरिकों में भी भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही अस्पताल में घुसकर डॉक्टरों और महिला चिकित्सा कर्मियों के साथ मारपीट करेंगे, तो आम जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। साथ ही केडीएमसी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आदित्य ठाकरे ने की बर्खास्तगी की मांग
घटना के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे (Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) leader Aditya Thackeray) शास्त्रीनगर अस्पताल पहुंचे और पीड़ित डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि किसी भी डॉक्टर के साथ मारपीट बर्दाश्त नहीं की जा सकती और आरोपी नगरसेवक रमेश म्हात्रे (accused corporator, Ramesh Mhatre) को तत्काल पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि आरोपी को राज्य और केंद्र सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाते हुए कहा कि डॉक्टरों के साथ इस तरह की हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती।
रोहित पवार ने भी जताया विरोध
शरदचंद्र पवार (Sharadchandra Pawar) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार भी डोंबिवली पहुंचे और पीड़ित डॉक्टरों से मुलाकात की। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा डॉक्टरों पर हाथ उठाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि पुलिस को आरोपी के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कि पूरे महाराष्ट्र में यह संदेश जाए कि भविष्य में कोई भी डॉक्टरों के साथ इस तरह का व्यवहार करने की हिम्मत न करे। साथ ही उन्होंने सरकार और शिवसेना (शिंदे गुट) से रमेश म्हात्रे को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी जताई नाराजगी
इस घटना पर सांसद श्रीकांत शिंदे ने एक पत्र जारी कर कहा कि वह स्वयं एक डॉक्टर हैं और डॉक्टर किस परिस्थिति तथा मानसिक तनाव में जवाबदेही के साथ काम करते हैं, यह एक डॉक्टर ही समझ सकता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के साथ मारपीट पूरी तरह अनैतिक है। कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस गंभीर मामले में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी।
सत्ता का नशा : कांग्रेस
हालांकि, विपक्ष ने शिवसेना के पार्षद के आचरण को लेकर उसकी जमकर आलोचना की है और आरोप लगाया है कि पार्टी सत्ता के नशे में चूर थी। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, ‘शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे का अस्पताल में गुंडागर्दी करना। बेड की अनुपलब्धता के कारण मरीज की सुरक्षा के लिए दूसरे अस्पताल जाने की चिकित्सकीय सलाह देने वाली महिला डॉक्टर, नर्सों और कर्मचारियों के खिलाफ हाथ उठाने की हिम्मत करना – यह सत्ता के नशे के बिना नहीं हो सकता।’
कार्रवाई की जाएगी: मंत्री भोयर
इस मामले में महाराष्ट्र के मंत्री डॉ. पंकज राजेश भोयर ने कहा, ‘पुलिस विभाग इस मामले में मिली शिकायत की जांच कर रहा है। जिन हालात में जन-प्रतिनिधि ने ऐसा व्यवहार किया, उनकी समीक्षा की जाएगी और अस्पताल की स्थिति की भी जांच होगी, क्योंकि आम नागरिक अक्सर अपनी शिकायतें लेकर या मुद्दों को उठाने के लिए जन-प्रतिनिधियों के पास जाते हैं और कभी-कभी बात बिगड़ जाती है। मारपीट को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता। इसीलिए जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
