
फिरोजाबाद : (Firozabad) उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव (murder case of 18-month-old Aarav in Firozabad, Uttar Pradesh) की दिल दहला देने वाली हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग (District and Sessions Judge Dr. Babbu Sarang) की अदालत ने शुक्रवार को दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने एक दिन पहले उसे हत्या का दोषी ठहराया था। महज 40 दिन में आए इस फैसले को त्वरित न्याय की मिसाल माना जा रहा है।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य पूरी तरह विश्वसनीय हैं और अपराध ‘दुर्लभतम से भी दुर्लभ’ (“rarest of rare”) श्रेणी का है। फैसला सुनते ही विराज अदालत में भावुक होकर रो पड़ा। वहीं, मृतक आरव के परिजनों ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है।
टॉफी दिलाने के बहाने ले ली जान
मामला 30 मई का है, जब शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में रिश्ते की भाभी रति से शादी करने की जिद पूरी न होने पर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने उसके डेढ़ वर्षीय बेटे आरव को टॉफी दिलाने के बहाने घर से बाहर ले जाकर महज 27 सेकंड में आठ बार सड़क पर पटक दिया। गंभीर चोटों से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी शव को घर के बाहर फेंककर फरार हो गया।
भाभी पर बना रहा था शादी का दबाव
जांच में सामने आया कि रति की शादी वर्ष 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी। पति से विवाद के बाद वह अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान रिश्ते का देवर विराज (brother-in-law, Viraj) उस पर शादी का दबाव बनाने लगा। रति द्वारा प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद उसने बदला लेने के लिए मासूम आरव को निशाना बनाया।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात
घटना की पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे (nearby CCTV camera) में कैद हो गई थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने उसी रात मुठभेड़ के दौरान दोनों पैरों में गोली लगने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। विवेचना पूरी कर पुलिस ने मात्र छह दिन में आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिया।
13 गवाहों ने दर्ज करवाए बयान
मुकदमे की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी (District Government Counsel Rajiv Priyadarshi) ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। अदालत में 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और सीसीटीवी फुटेज सहित कई अहम वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य पेश किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पहले आरोपी को दोषी करार दिया और शुक्रवार को उसे मृत्युदंड की सजा सुनाते हुए मामले का फैसला सुना दिया।
