
मुंबई : (Mumbai) मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी सरकारी पहचान पत्र, पुलिस नंबर प्लेट लगी गाड़ी और सरकारी अधिकारी होने का झांसा देकर लोगों का विश्वास जीतते थे तथा बैंक से ऋण मंजूर कराने और सरकारी काम कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करते थे।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 26 जून 2026 को सरकारी पुलिस स्टेशन स्थित सरकारी कृषि विभाग (जीएवी) (Government Agriculture Department) के कक्ष क्रमांक-1 में प्राप्त शिकायत से हुई। शिकायत के आधार पर मोहम्मद गौस इब्राहिम खतीब उर्फ डॉ. राज खतीब (52) (Mohammad Gaus Ibrahim Khatib, alias Dr. Raj Khatib) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि वह स्वयं को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर नागरिकों से बैंक लोन स्वीकृत कराने और अन्य सरकारी कार्य कराने का भरोसा दिलाकर पैसे ऐंठता था।
इस संबंध में अपराध क्रमांक 72/2026 दर्ज किया गया, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह ने कई अन्य लोगों को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया था।
प्लॉट दिलाने और फंसा पैसा वापस कराने का दिया झांसा
जांच में खुलासा हुआ कि मोहम्मद गौस इब्राहिम खतीब और राजेश बड़े सिंह चौधरी (46) ने खुद को सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर शिकायतकर्ताओं का विश्वास जीता। दोनों ने बिल्डर के पास फंसी रकम ब्याज सहित वापस दिलाने तथा परियोजना में प्लॉट उपलब्ध कराने का झूठा आश्वासन दिया। इसके बदले उन्होंने नकद, बैंक खातों के माध्यम से राशि वसूल की और एप्पल कंपनी का मोबाइल फोन भी हासिल कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कुल 15.90 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। मामले में दर्ज अपराध क्रमांक 76/2026 के तहत आरोपी राजेश बड़े सिंह चौधरी को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेल-1 कर रही है।
सोशल मीडिया से सामने आए अन्य पीड़ित
मामले की खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद एक अन्य पीड़ित मुंबई क्राइम ब्रांच कार्यालय (Mumbai Crime Branch office) पहुंचा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मोहम्मद गौस इब्राहिम खतीब, उसके बेटे मशब मोहम्मद गौस खतीब (30) और एक अन्य आरोपी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने का झांसा देकर उसके तीन परिचित युवकों से 12 लाख रुपये की ठगी की। इस मामले में अपराध क्रमांक 78/2026 दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच सेल-3 को सौंपी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय तथा पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रोशन (Mumbai Police Commissioner Deven Bharti, Joint Commissioner of Police (Crime) Anil Kumbhare, Additional Commissioner of Police (Crime) Krishnakant Upadhyay, and Deputy Commissioner of Police (Detection) Raj Tilak Roshan) के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में क्राइम ब्रांच की कक्ष-1 और कक्ष-3 की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।
