
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित की मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया आश्वासन
मुंबई : (Mumbai) वसई-विरार में हर वर्ष मानसून (monsoon in Vasai-Virar) के दौरान उत्पन्न होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार जल्द ही सभी संबंधित विभागों की उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित करेगी। विधायक स्नेहा दुबे-पंडित (MLA Sneha Dubey-Pandit) द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए व्यापक समीक्षा बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है।
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर वसई-विरार में भारी बारिश के कारण बनने वाली बाढ़, बाधित यातायात व्यवस्था और नागरिकों को होने वाली परेशानियों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित कर इस समस्या का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान तैयार किया जाए।
सभी विभागों के समन्वय से बनेगी कार्ययोजना
ज्ञापन में राजस्व विभाग, नगर विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, एमएसआरडीसी, रेलवे, वसई-विरार महानगरपालिका तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Revenue Department, Urban Development Department, Public Works Department (PWD), MSRDC, Railways, Vasai-Virar Municipal Corporation, and the State Disaster Management Authority) सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को बैठक में शामिल करने की मांग की गई है। उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करना है।
विधायक ने कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान वसई-विरार में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों को जान-माल के नुकसान, रोजगार प्रभावित होने और यातायात बाधित होने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान लागू करने का समय आ गया है।
रेलवे सेवाएं बाधित होने से जनजीवन प्रभावित
स्नेहा दुबे-पंडित ने मुख्यमंत्री का ध्यान हाल की भारी बारिश के दौरान रेलवे सेवाओं के बार-बार बाधित होने की ओर भी आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि इससे हजारों नौकरीपेशा लोगों, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी हुई। मुंबई के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत वसई-विरार के शिक्षकों को भी आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए निजी प्रतिष्ठानों, उद्योगों, कंपनियों तथा शैक्षणिक संस्थानों में कम से कम चार दिनों का सवेतन विशेष अवकाश देने के संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाए।
स्थायी समाधान पर रहेगा सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने वसई-विरार की बाढ़ समस्या की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जल्द ही संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर व्यापक समीक्षा करने और प्रभावी समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार की पहल से वसई-विरार के नागरिकों को हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए ठोस और टिकाऊ उपायों को अमल में लाया जाएगा।
