
मुंबई : (Mumbai) पुणे जिले के मोशी इलाके (Moshi area of Pune district) में तीन मंजिला बिल्डिंग गिर जाने से हुए हादसे में 83 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार को पूरा हो गया है। आज सुबह तक नौ कर्मचारियों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल में भेज दिए गए हैं। हादसे में कुल 9 लोगों को बचा लिया गया है। इस घटना में मृतक कर्मचारियों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ४० लाख रुपये की मदद घोषित की गई है।
पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी (Moshi, Pimpri-Chinchwad) में ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्रोजेक्ट (‘Waste-to-Energy’ project in Moshi) में ८ जुलाई को करीब दो बजे जमा किए गए कचरे के ढेर के पास तीन मंजिला एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग ढह गई थी। हादसे के समय बिल्डिंग में कुल २३ कर्मचारी कार्यरत थे, लेकिन हादसे की भनक लगते ही पांच कर्मचारी भाग कर बिल्डिंग से निकल गए थे, जबकि १८ कर्मचारी घटनास्थल पर बिल्डिंग के मलबे में अटक गए थे। इस घटना की सूचना मिलने पर पिंपरी नगर निगम की टीम, नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम, भारतीय सेना (pimpri Municipal Corporation, the National Disaster Response Force (NDRF), the State Disaster Response Force (SDRF), and the Indian Army) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर करीब 83 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रविवार को सुबह तक नौ कर्मचारियों के शव बाहर निकाले गए। इस दौरान कुल नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, इनमें से सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी (Dr. Vijay Suryawanshi) ने रविवार को मीडिया को बताया कि घटनास्थल पर करीब 83 घंटे बाद तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार आज सुबह पूरा हो गया है और इस हादसे में नौ कर्मचारियों की मौत हुई है। यह ऑपरेशन बड़ी मात्रा में मशीनरी, डॉग स्क्वॉड, लाइव डिटेक्टर, साउंड डिटेक्टर के साथ-साथ पोकलेन और डंपर की मदद से पूरा किया गया है। मौके पर फंसे कर्मचारियों को ढूंढने के लिए मॉडर्न इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया गया। बिल्डिंग के कंक्रीट वाले हिस्से को तोडक़र अंदर पहुंचने के लिए एक स्पेशल ऑपरेशन शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि पूरे ऑपरेशन में करीब 90 लोगों ने हिस्सा लिया। हालांकि, सभी लापता लोगों को जिंदा बाहर निकालने की कोशिशें आखिरकार नाकाम रहीं। इस हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और इलाके में दुख फैल गया है। मुंबई नगर निगम की टीम की पूरी संवेदना मृतक परिवारों के साथ हैं। आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मृत कर्मचारियों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ४० लाख रुपये की मदद घोषित की गई है। इनमें प्रत्येक ५ लाख रुपये राज्य सरकार (state government) की ओर से, २५ लाख रुपये वेस्ट-टू-एनर्जी कंपनी की ओर से और १० लाख रुपये पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) की ओर से घोषित की गई है। साथ ही मृत परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी की भी घोषणा वेस्ट-टू-एनर्जी कंपनी की ओर से की गई है।
