
अटलांटा : (Atlanta) फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल (FIFA World Cup 2026 semi-finals) से पहले इंग्लैंड के डिफेंडर मार्क गुएही ने कहा है कि मौजूदा विश्व चैंपियन होने के कारण खिताब बचाने का पूरा दबाव अर्जेंटीना पर है, जबकि उनकी टीम बिना किसी दबाव के मैदान में उतरेगी। वहीं डिफेंडर एजरी कोन्सा (defender Ezri Konsa) ने खिलाड़ियों से इंग्लैंड और अर्जेंटीना की ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता से जुड़ी बाहरी चर्चाओं को नजरअंदाज करने की अपील की।
इंग्लैंड की टीम मंगलवार को अटलांटा पहुंची, जहां बुधवार को मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में उसका मुकाबला अर्जेंटीना से होगा। इस मैच के विजेता का सामना फाइनल में स्पेन से होगा।
मार्क गुएही (Marc Guehi) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम पर कोई दबाव नहीं है। आखिर दबाव किस बात का? दबाव तो अर्जेंटीना पर है। वे मौजूदा विश्व चैंपियन हैं और उन्हें अपना खिताब बचाना है। हम पर बिल्कुल भी दबाव नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “हर कोई इस मुकाबले को लेकर उत्साहित है। बड़ा मैच है, सामने बड़े खिलाड़ी हैं। हम सभी इस चुनौती का आनंद लेने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।”
इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच मुकाबले से पहले दोनों देशों की पुरानी प्रतिद्वंद्विता की खूब चर्चा हो रही है। 1986 विश्व कप में डिएगो माराडोना (Diego Maradona) का विवादित ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल और 1998 विश्व कप में डेविड बेकहम (David Beckham) का रेड कार्ड आज भी फुटबॉल इतिहास के चर्चित पल हैं। इसके अलावा 1982 के फ़ॉकलैंड युद्ध को लेकर भी दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव रहा है।
हालांकि एजरी कोन्सा ने कहा, “हमें सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देना है। इतिहास को भूलकर मैदान में उतरना होगा। किसी भी तरह की भावनाओं में बहने की जरूरत नहीं है। हमें वही करना है जो हम सबसे बेहतर कर सकते हैं।” मुख्य कोच थॉमस टुखेल (head coach Thomas Tuchel) द्वारा नॉर्वे के खिलाफ प्रदर्शन पर की गई आलोचना को लेकर भी कोन्सा ने टीम का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा, “हमारी टीम एकजुट है। हमारे बीच कोई समस्या नहीं है। ऐसे टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती सबसे महत्वपूर्ण होती है। बाहरी बातें हमेशा होती रहेंगी, लेकिन हमें उन्हें नजरअंदाज करना आता है। हम लंबे समय से इस स्तर पर खेल रहे हैं और जानते हैं कि इन चीजों से कैसे निपटना है।”
दोनों डिफेंडर बुधवार के मुकाबले में शुरुआती एकादश का हिस्सा हो सकते हैं। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती लियोनेल मेसी होंगे, जिन्होंने इस विश्व कप में अब तक आठ गोल किए हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में किलियन एमबाप्पे (Kylian Mbappé) के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं।
हालांकि गुएही ने कहा, “मेसी महान खिलाड़ी हैं, शायद दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक। हम उन्हें रोकने की पूरी कोशिश करेंगे। लेकिन अर्जेंटीना सिर्फ मेसी की टीम नहीं है। उनके पास कई और बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं। इसलिए हमें अपने खेल पर पूरा ध्यान रखना होगा और अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू करना होगा।”
अगर इंग्लैंड अर्जेंटीना को हराने में सफल रहता है, तो वह 1966 के बाद अपने इतिहास का दूसरा फीफा विश्व कप फाइनल (FIFA World Cup final) खेलेगा। फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में स्पेन के खिलाफ खेला जाएगा।
