
नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय ने करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (Dravida Munnetra Kazhagam) (DMK) नेता और तमिलनाडु के पूर्व मंत्री इवी वेलु के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई रोकने के मद्रास उच्च न्यायालय के हालिया फैसले को चुनौती देने वाली तमिलनाडु सरकार की याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश विक्रमनाथ (Justice Vikram Nath) की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि उच्च न्यायालय ने वेलु को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है।
तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी (Senior advocate Abhishek Manu Singhvi) ने कहा कि उच्च न्यायालय ने वेलु की गिरफ्तारी पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जबकि इसके लिए उच्च न्यायालय से आग्रह भी नहीं किया गया था। तब वेलु की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि तमिलनाडु में सत्ता बदलने के बाद वेलु को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये तो अभी शुरुआत है, अभी एफआईआर दर्ज हो रही हैं। आगे और भी चीजें सामने आएंगी। तब कोर्ट ने कहा कि डीएमके सरकार ने भी ऐसी ही चीजें की हैं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कदम कानूनी सलाह के बाद ही उठाये जाते हैं।
मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) ने 9 जुलाई को वेलु के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर पर इस शर्त पर रोक लगाई थी कि वो जांच अधिकारी के समक्ष 15 जुलाई को पेश होंगे। उच्च न्यायालय ने 28 जुलाई तक वेलु के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगा दी थी।
