
तेहरान : (Tehran) ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guards Corps) (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों की नई शृंखला शुरू की है। आईआरजीसी के अनुसार, ये हमले उसके ‘ऑपरेशन नस्र-2’ के चौथे, पांचवें और छठे चरण का हिस्सा हैं और इन्हें ईरानी क्षेत्र पर कथित अमेरिकी हमलों के जवाब में अंजाम दिया गया।
आईआरजीसी ने अलग-अलग बयानों में कहा कि ऑपरेशन के चौथे चरण में कुवैत के मीना अब्दुल्ला स्थित अमेरिकी लॉजिस्टिक्स एवं सपोर्ट सेंटर “केजीएन” (US Logistics and Support Center KGN) को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ।
पांचवें चरण में आईआरजीसी ने दावा किया कि बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, सैन्य उपकरणों के गोदाम और ईंधन डिपो पर हमला किया गया। संगठन का कहना है कि इन ठिकानों को भी गंभीर क्षति पहुंची।
छठे चरण में, आईआरजीसी का दावा है कि जॉर्डन के अल-अज़राक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे (US military base) पर उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने हमला किया। बयान में दावा किया गया कि इस कार्रवाई में अमेरिकी एफ-15, एफ-16 और एफ-35 लड़ाकू विमानों के शेल्टर तथा कई एमक्यू-9 ड्रोन को निशाना बनाया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया।
आईआरजीसी ने अमेरिका पर ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों पर क्रूज मिसाइलों और हवाई बमों से हमले करने का आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि उसकी जवाबी सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक अमेरिका अपनी कथित आक्रामक गतिविधियां बंद नहीं करता।
संगठन ने यह भी दोहराया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रहेगा और चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में तनाव जारी रहा तो तेल और गैस निर्यात के अन्य मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं।
ईरान का अराेप है कि 7 अप्रैल से अमेरिका ने ईरानी क्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया है। इसी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने ईरान को निशाना बनाने वाले अमेरिकी-इजराइली आक्रामकता के हालिया दौर में एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी।
यह उल्लंघन तब भी जारी रहा जब वाशिंगटन और तेहरान ने पिछले महीने पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसकी पहली शर्त में सभी मोर्चों पर आक्रामकता रोकने का स्पष्ट निर्देश है।
अमेरिका उन जहाजों की मदद करने की भी कोशिश कर रहा है जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और कानूनी आवाजाही के लिए आईआरजीसी द्वारा तय किए गए समुद्री रास्ते से नहीं गुजरते। इसके लिए वह अवैध रास्ते से घुसपैठ करने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश करता है। आईआरजीसी ने उल्लंघन की हर घटना का कड़ा जवाब दिया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की अवैध आवाजाही का समर्थन करने वाली घटनाएं भी शामिल हैं। हालांकि, आईआरजीसी द्वारा किए गए हमलाें के बाद अमेरिका, कुवैत, बहरीन व जॉर्डन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
