
तेहरान : (Tehran) होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ईरानी बंदरगाहों पर फिर से की गई अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी से समूची खाड़ी में हलचल तेज हो गई है। इससे ईरान में खलबली मची हुई है। उसने अपने तेल व्यापार को बचाने के लिए ‘डार्क फ्लीट’ को सक्रिय कर दिया है। ‘डार्क फ्लीट’ (Dark Fleet) में शामिल जहाज रडार तक को चकमा देने में सक्षम होते हैं। ईरान में नाकाबंदी और ताजा हमलों के बाद अमेरिका के सहयोगी देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
गल्फ न्यूज और सीएनएन की रिपोर्ट में शिपिंग ट्रैकर्स के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू होने के साथ ईरान का ‘डार्क फ्लीट’ सक्रिय हो गया है। नाकाबंदी लागू होने से कुछ घंटे पहले ईरान ने ऐसे जहाजों को तैनात किया है। यह जहाज किसी भी तरह की नौसैनिक नाकाबंदी से बच निकलने में सक्षम होते हैं। ‘डार्क फ्लीट’ को ‘शैडो फ्लीट’ भी कहा जाता है। यह पुराने और बिना बीमा वाले जहाजों (mostly oil tankers) का गुप्त समूह है। ईरान और कुछ अन्य देश अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को तोड़ने और चोरी-छिपे तेल बेचने के लिए इन जहाजों का इस्तेमाल करते हैं।
मरीन ट्रैकर ‘विंडवर्ड’ ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके पास ईरान ने 23 ऐसे जहाजों को तैनात किया है। इनको डार्क वेसल्स भी कहा जाता है। ऐसे जहाज अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (Automatic Identification System) (AIS) ट्रांसपोंडर को बंद कर देते हैं। इससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इससे ये रडार से गायब हो जाते हैं। बचने के लिए यह जहाज बीच समंदर में ही अपना तेल दूसरे जहाजों में डाल देते हैं। यह जहाज आमतौर पर पनामा या लाइबेरिया जैसे छोटे देशों का झंडा लगाकर चलते हैं। कहा जाता है कि मुख्य रूप से रूस, ईरान और वेनेजुएला जैसे देश अपने ऊपर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए डार्क फ्लीट का इस्तेमाल करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन ने बुधवार को एयर रेड सायरन (air raid sirens) बजाए और लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा। यह कदम ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फिर से शुरू करने के बाद उठाया गया। ईरान के खिलाफ अमेरिका की नई सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। इससे खाड़ी देशों को सुरक्षा उपाय बढ़ाने पड़ रहे हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है। यह मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र है। अमेरिकी नाकेबंदी खाड़ी समय के अनुसार 15 जुलाई को रात 12:01 बजे लागू हुई है।
