
मुंबई : (Mumbai) वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा के लिए लगाए गए बोलार्ड और बैरिकेड्स को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने कोलाबा स्थित ताज महल पैलेस होटल को लगभग 22 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया है। यह विवाद वर्ष 2022 से लंबित है। होटल प्रबंधन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस शुल्क में छूट की मांग कर रहा है।
26/11 हमलों के बाद लगाए गए थे सुरक्षा अवरोधक
मुंबई पर 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमलों के बाद ताज महल पैलेस होटल (Taj Mahal Palace Hotel to bolster security) की सुरक्षा मजबूत करने और होटल तक वाहनों की सीधी पहुंच नियंत्रित करने के लिए उसके आसपास बोलार्ड और बैरिकेड्स लगाए गए थे। नगर निगम के नियमों के अनुसार सार्वजनिक सड़क और फुटपाथ के उपयोग या अवरोध पर निर्धारित शुल्क देना होता है, जिसके चलते बकाया राशि बढ़कर करीब 22 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
बीएमसी ने बकाया शुल्क का किया दावा
बीएमसी के ‘ए’ वार्ड कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार होटल प्रबंधन ने कुछ राशि का भुगतान किया है, लेकिन कई वर्षों का बड़ा बकाया अभी भी शेष है। इसी कारण होटल को नोटिस जारी कर शेष राशि जमा करने को कहा गया है।
शुल्क में छूट की मांग पर जारी है बातचीत
होटल प्रबंधन का कहना है कि बोलार्ड और बैरिकेड्स व्यावसायिक नहीं बल्कि सुरक्षा कारणों से लगाए गए थे, इसलिए शुल्क में छूट दी जानी चाहिए। बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि इस मुद्दे पर होटल प्रबंधन के साथ बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पहले मिल चुकी थी आंशिक राहत
वर्ष 2020 में तत्कालीन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) (Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) के नेतृत्व वाली बीएमसी की स्थायी समिति ने सार्वजनिक सड़क पर सुरक्षा ढांचा स्थापित करने के मामले में ताज महल पैलेस होटल को लगभग 10 करोड़ रुपये की शुल्क राहत देने का प्रस्ताव मंजूर किया था। हालांकि, अप्रैल 2025 में यह राहत वापस ले ली गई थी, जिसके बाद बकाया शुल्क का मामला फिर चर्चा में आ गया।
