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Mumbai : महाराष्ट्र में जल संकट बरकरार

Mumbai: Water Crisis Persists in Maharashtra

मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र में पिछले सप्ताह अच्छी बारिश होने के बावजूद जल संकट (water crisis in Maharashtra) पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रमुख बांधों में जलस्तर बढ़ा है, लेकिन राज्य के दस बड़े बांधों में उपयोगी जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत कम है। वर्षा के असमान वितरण और भूजल स्तर (rainfall distribution and declining groundwater levels) में गिरावट के कारण राज्य के 22 जिलों के 737 गांवों और 1,918 बस्तियों में अब भी 790 टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रमुख बांधों में जल भंडारण पिछले वर्ष से कम
राज्य के कोयना, जायकवाड़ी, उजनी, पेंच परियोजना समूह, गोसीखुर्द, खड़कवासला, मुठा, अपर वर्धा, भंडारधारा और इसापुर सहित दस प्रमुख बांधों में वर्तमान में 184.47 टीएमसी, यानी लगभग 45 प्रतिशत उपयोगी जल भंडारण है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 278.44 टीएमसी था। जल भंडारण में कमी को लेकर जल संसाधन विभाग की चिंता बढ़ गई है।

नासिक संभाग में सबसे अधिक संकट
जल संकट का सबसे अधिक असर नासिक संभाग (Nashik division) में देखा जा रहा है, जहां 300 टैंकरों के जरिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है। मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र (Marathwada, Vidarbha, and North Maharashtra) के कई इलाकों में अब भी सामान्य से कम वर्षा होने के कारण पेयजल संकट बना हुआ है।

बारिश थमी तो बढ़ सकती है परेशानी
अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो जल संकट और गहरा सकता है। ऐसे में जल संरक्षण और उपलब्ध जल संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

मुंबई-ठाणे की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर
मुंबई और ठाणे (Mumbai and Thane) को पानी उपलब्ध कराने वाले छह प्रमुख बांधों में जल भंडारण फिलहाल संतोषजनक है। मुंबई महानगर क्षेत्र (Mumbai Metropolitan Region) में हाल में हुई भारी बारिश के कारण जल स्तर में सुधार हुआ है और पिछले वर्ष की तुलना में केवल एक प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि अधिकारियों ने आगाह किया है कि यदि बारिश लंबे समय तक नहीं हुई, तो महानगर के जल प्रबंधन पर भी इसका असर पड़ सकता है।