
नई दिल्ली : (New Delhi) देश में प्रदूषण पर लगाम और यात्री वाहनों को अधिक ईंधन-कुशल बनाने के लिए केंद्र सरकार (central government) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बिजली मंत्रालय (Union Ministry of Power) ने कैफे (कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी) नियमों के तीसरे चरण का मसौदा जारी कर दिया है। नए और सख्त नियम एक अप्रैल 2027 से लागू होंगे और अगले पांच साल (2031-32 तक) प्रभावी रहेंगे। सरकार ने नियमों के ड्राफ्ट पर छह अगस्त तक आम जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी नियमों का मुख्य उद्देश्य वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा बेचे जाने वाले सभी वाहनों के औसत कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन और ईंधन की खपत को कम करना है। इन नियमों के तहत कंपनियों को अपने वाहनों में प्रदूषण का औसत स्तर निर्धारित मानकों के भीतर रखना अनिवार्य होता है।केंद्र सरकार के ड्राफ्ट के अनुसार कैफे-3 नियम एम-1 श्रेणी में आने वाली उन सभी यात्री वाहनों पर लागू होगा, जिनमें चालक के अलावा अधिकतम आठ सवारियां बैठ सकती हैं। हालांकि, सालभर में 1000 से कम वाहन बेचने वाली कंपनियों को इस नियम से छूट दी जाएगी।
