
मुंबई : (Mumbai) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (सीबीआई) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (reliance Communications Limited) (आरकॉम) मामले में मुंबई के विशेष सीबीआई न्यायाधीश के समक्ष मेसर्स नेटिजन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व नाम मेसर्स रिलायंस इन्फोकॉम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड) और उसके दो निदेशकों, अनिल कालिया व टुनु साहू (Anil Kalia and Tunu Sahu) के खिलाफ आपराधिक साजिश, आपराधिक हेराफेरी और धोखाधड़ी के आरोपों में दूसरी चार्जशीट दायर की है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शिकायत पर दर्ज इस मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों की कुल ₹19,694.33 करोड़ की राशि दांव पर लगी है। सीबीआई जांच के अनुसार, नेटिजन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (Netizen Engineering Private Limited) का उपयोग आरकॉम द्वारा जानबूझकर फंड की हेराफेरी करने के लिए एक पास-थ्रू इकाई के रूप में किया गया था, जिससे बैंकों को भारी नुकसान और आरोपियों को फायदा हुआ। एजेंसी ने इस व्यापक मामले में अब तक कुल चार चार्जशीट (आरकॉम में दो और रिलायंस एडीए ग्रुप के अन्य मामलों को मिलाकर) दाखिल की हैं, जिसमें 29 मई को दायर पहली चार्जशीट में आरकॉम सहित 16 आरोपी (5 वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी) शामिल थे, और अन्य पहलुओं व आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच अभी भी खुली रखी गई है।
