
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (Jio Infocomm Limited) के खिलाफ दायर शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों के आरोप अनुमान आधारित हैं तथा इसके लिए कोई साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। आयोग ने कहा कि अल्पाधिकार वाले बाजार में ‘प्रीपेड टैरिफ’ (‘prepaid tariff’) योजनाओं, उनकी वैधता अवधि या रिचार्ज राशि में समानता मात्र से प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौते का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। प्रतिस्पर्धा आयोग ने विभिन्न क्षेत्रों की 4,500 से अधिक कंपनियों के खिलाफ लगाए गए ऐसे ही आरोपों को भी खारिज कर दिया है। शिकायतकर्ता ने दूरसंचार, लॉजिस्टिक्स, सरकारी ई-मार्केटप्लेस खरीद, ऊर्जा, एफएमसीजी और स्वास्थ्य सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियों पर प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा तीन और चार के उल्लंघन का आरोप (telecommunications, logistics, Government e-Marketplace (GeM) procurement, energy, FMCG, and healthcare of violating Sections 3 and 4 of the Competition Act) लगाया था।
