
नई दिल्ली : (New Delhi) 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले संसद के मानसून सत्र (Parliament’s Monsoon Session) के लिए केंद्र सरकार (Central Government) ने अपना विधायी एजेंडा तय कर लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई (news agency PTI) के अनुसार, इस सत्र में लोकसभा में सात महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें वंदे मातरम् के अपमान को लेकर प्रस्तावित कानून, विदेशी अंशदान (एफसीआरए) में संशोधन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) से जुड़े विधेयक शामिल हैं।
संविधान संशोधन से जुड़े विधेयक सूची में नहीं
सरकार की अस्थायी विधायी सूची (government’s tentative legislative list) में फिलहाल किसी संविधान संशोधन विधेयक, जैसे परिसीमन या महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े प्रस्ताव का उल्लेख नहीं है। मानसून सत्र 25 दिनों तक चलेगा और इस दौरान कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी।
तीन नए और चार पहले से लंबित विधेयक
सात विधेयकों में से तीन पहली बार संसद में पेश किए जाएंगे। इनमें जन्म-मृत्यु पंजीकरण, वंदे मातरम् के अपमान और एमएसएमई (birth and death registration, the disrespect of ‘Vande Mataram’, and MSMEs) से जुड़े विधेयक शामिल हैं। वहीं विदेशी अंशदान (एफसीआरए) संशोधन विधेयक और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पहले से लंबित हैं। इसके अलावा आयकर विधेयक-2026 और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़े विधेयक अध्यादेशों का स्थान लेंगे।
विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने संकेत दिया है कि वे इस सत्र में नीट-यूजी पेपर लीक, अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, ई-20 ईंधन नीति, विदेश नीति और मणिपुर जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे।
एनडीए नेताओं ने की रणनीति बैठक
मानसून सत्र से पहले शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं की बैठक हुई। इसमें केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, ललन सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लेकर सत्र की रणनीति पर चर्चा की।
विपक्ष ने सरकार से जवाबदेही की मांग की
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि संसद में राम मंदिर दान प्रकरण, नीट और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने महिला आरक्षण लागू करने की मांग दोहराते हुए इसे परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया। वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े सभी अहम मुद्दे उठाएगा और सरकार से इन पर स्पष्ट जवाब की अपेक्षा करेगा।
एनडीए संसदीय दल की बैठकों का बदलेगा नाम, अब ‘मंगल मिलन’ के नाम से होंगी मीटिंग
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की बैठकों को अब ‘मंगल मिलन’ के नाम से जाना जाएगा। सूत्रों के अनुसार, चूंकि ये बैठकें आमतौर पर मंगलवार को होती हैं, इसलिए इन्हें यह नया नाम दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत पहली ‘मंगल मिलन’ बैठक 21 जुलाई को संसद भवन परिसर में होगी। यह बैठक संसद के मानसून सत्र शुरू होने के एक दिन बाद आयोजित की जाएगी। एक सूत्र ने कहा कि 21 जुलाई की बैठक से एनडीए संसदीय दल की बैठक को अब ‘मंगल मिलन’ के नाम से जाना जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस नाम परिवर्तन पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में भी चर्चा हुई थी। बैठक के दौरान मंत्रियों को अनौपचारिक रूप से इस बदलाव की जानकारी दी गई थी। इस बीच, संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
