
उल्हासनगर : (Ulhasnagar) महानगरपालिकाओं द्वारा जारी किए जाने वाले जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र (birth and death certificates by municipal corporations) की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नए नियम के तहत जन्म या मृत्यु के 21 दिनों के भीतर आवेदन करने पर संबंधित महानगरपालिका स्वयं प्रमाणपत्र जारी करेगी। वहीं 21 से 30 दिनों के बीच प्राप्त आवेदनों को वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद जारी किया जाएगा। इस समस्या को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) (Maharashtra Navnirman Sena) के ठाणे जिला अध्यक्ष बंडू देशमुख (Bandu Deshmukh) ने निवासी उपजिलाधिकारी संदीप माने (Sandeep Mane) से मुलाकात कर प्रत्येक नगरपालिका और महानगरपालिका के लिए अलग-अलग सरकारी आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराने की मांग की।
30 दिन बाद के आवेदन जिला अधिकारी कार्यालय भेजे जाते हैं
यदि जन्म या मृत्यु के 30 दिनों के बाद आवेदन किया जाता है, तो उसे मंजूरी के लिए जिला अधिकारी कार्यालय भेजा जाता है। जिला अधिकारी कार्यालय की स्वीकृति मिलने के बाद ही संबंधित नागरिक को जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
हजारों आवेदन लंबित, नागरिक हो रहे परेशान
ठाणे जिले में नगरपालिकाओं, महानगरपालिकाओं और अन्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की संख्या अधिक होने के कारण जिला अधिकारी कार्यालय पर कार्यभार लगातार बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में करीब आठ से नौ हजार आवेदन लंबित हैं, जिससे नागरिकों को समय पर प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहे हैं और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक आईडी-पासवर्ड से बढ़ रही देरी
बताया गया कि जिला अधिकारी कार्यालय के पास आवेदन स्वीकृत करने के लिए केवल एक सरकारी आईडी और पासवर्ड (one government ID and password) उपलब्ध है। एक आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में 15 से 20 मिनट का समय लगता है, जबकि सर्वर बाधित होने की स्थिति में यह समय एक घंटे या उससे अधिक हो जाता है। इसी कारण लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
