
मुंबई : (Mumbai) भारत ने शहरी हवाई परिवहन के क्षेत्र (major milestone in the field of urban air mobility) में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश का पहला पूर्ण आकार का इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (country’s first full-scale electric vertical take-off and landing) (eVTOL) विमान प्रोटोटाइप तैयार कर लिया गया है। आईआईटी मद्रास में विकसित यह ‘इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी’ एक बार चार्ज होने पर लगभग 110 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम होगी।
आईआईटी मद्रास में हुआ अनावरण
चेन्नई स्थित स्टार्टअप ‘द ईप्लेन कंपनी’ (‘The ePlane Company’) ने आईआईटी मद्रास डिस्कवरी कैंपस में अपने नए उत्पादन संयंत्र में पीटी-01 प्रोटोटाइप का अनावरण किया है। पहले चरण में इसके परीक्षण शुरू किए जाएंगे, जबकि वर्ष 2028 तक एयर एम्बुलेंस सेवा और उसके बाद व्यावसायिक एयर टैक्सी सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
2028 तक सेवा शुरू करने का लक्ष्य
कंपनी के अनुसार फिलहाल पीटी-01 प्रोटोटाइप चरण में है और इसका व्यावसायिक संचालन सफल परीक्षणों तथा नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगा। वर्ष 2027 तक जमीनी परीक्षण और प्रमाणन उड़ानें पूरी करने के बाद 2028 में एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की योजना है। इसके बाद यात्री एयर टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी।
पहले बनेगी एयर एम्बुलेंस
कंपनी का कहना है कि यात्री परिवहन से पहले इस विमान का उपयोग एयर एम्बुलेंस के रूप में किया जाएगा। अस्पतालों में पहले से मौजूद हेलीपैड और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की जरूरतों को देखते हुए इसे शुरुआती उपयोग के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है।
बिना रनवे के भर सकेगा उड़ान
यह इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग विमान हेलीकॉप्टर की तरह बिना रनवे के सीधे उड़ान भरने और उतरने में सक्षम है। साथ ही यह सामान्य विमान की तरह आगे की दिशा में भी उड़ान भर सकता है। विमान पूरी तरह बैटरी से संचालित इलेक्ट्रिक मोटरों और प्रोपेलरों की मदद से उड़ान भरेगा।
110 किलोमीटर तक की उड़ान क्षमता
करीब 2.2 टन वजनी पीटी-01 का विंगस्पैन आठ मीटर है। यह एक बार चार्ज होने पर लगभग 110 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। कंपनी का दावा है कि इसका आकार इतना कॉम्पैक्ट है कि इसे अस्पतालों के हेलीपैड और इमारतों की छतों से भी संचालित किया जा सकता है, जिससे अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की आवश्यकता नहीं होगी।
मरीज और मेडिकल स्टाफ को ले जा सकेगा
पीटी-01 को एक पायलट के साथ 200 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने (PT-01 is designed to carry a payload of up to 200 kilograms) के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें एक मरीज, एक पैरामेडिक और आवश्यक चिकित्सा उपकरण आसानी से ले जाए जा सकते हैं। विमान में कई स्वतंत्र इलेक्ट्रिक प्रोपेलर लगाए गए हैं, जिससे किसी एक यूनिट में खराबी आने पर भी उड़ान की सुरक्षा बनी रहती है।
