
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्र सरकार (Central Government) ओटीटी प्लेटफार्मों, सोशल मीडिया चैनलों और डिजिटल मनोरंजन प्लेटफॉर्मों पर बढ़ती अश्लीलता, भद्दे और असंवेदनशील सामग्री (OTT platforms, social media channels, and digital entertainment platforms) को लेकर सतर्क है। ऐसी आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत करने वाले 50 ओटीटी प्लेटफॉर्मों को सार्वजनिक पहुंच से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ.एल. मुरुगन (Dr. L. Murugan) ने बुधवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। नाशिक से लोकसभा सांसद राजाभाऊ वाजे (Rajabhau Waje) के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मुरुगन ने बताया कि शिकायतों के आधार पर सरकार ऐसे मध्यस्थों और ओटीटी प्लेटफॉर्मों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई करती है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने पिछले दो वर्षों में अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने और आईटी अधिनियम की धारा 67 और 67 (क), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294, और स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 के उल्लंघन के लिए 50 ओटीटी प्लेटफॉर्मों को सार्वजनिक पहुंच से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
