
पेरिस : (Paris) फ्रांस की संसद (The French Parliament) ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने (banning the use of social media) वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद फ्रांस ऐसा कानून पारित करने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया है। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू और फ्रांसीसी टेलीविज़न नेटवर्क फ्रांस24 (Turkey’s state news agency Anadolu and the French television network France 24) की रिपोर्ट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (french President Emmanuel Macron) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने जनता से किया अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि अब अंतिम निर्णय संवैधानिक परिषद को लेना है, जिसके बाद सरकार इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
मीडिया रिपोर्ट में फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ़्रे (Édouard Geffray) ने इस फैसले को “बेहद जरूरी कदम” बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म युवाओं को वास्तविक दुनिया से दूर कर रहे हैं। आज के युवा सोशल मीडिया पर कई घंटे बिताते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता प्रभावित होती है, सामाजिक जीवन कमजोर पड़ता है और कई मामलों में मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध का उद्देश्य केवल सोशल मीडिया तक पहुंच सीमित करना नहीं, बल्कि बच्चों और किशोरों को डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी से उपयोग करना सिखाना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को सांस्कृतिक, खेल और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने की भी आवश्यकता है।
शिक्षा मंत्री ने फ्रांस के हाई स्कूलों में मोबाइल फोन पर पहले से लागू प्रतिबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि सबसे बड़ी चुनौती छात्रों को स्क्रीन का संतुलित और जिम्मेदार उपयोग करना सिखाना है। उनके अनुसार अत्यधिक स्क्रीन टाइम युवाओं के सामाजिक संबंधों, मानसिक स्वास्थ्य और सोचने-समझने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
यह विधेयक सीनेट में 243 के मुकाबले 2 और नेशनल असेंबली में 279 के मुकाबले 81 मतों (Senate by 243 votes to 2 and in the National Assembly by 279 votes to 81) से पारित हुआ। इसके साथ ही फ्रांस 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया है।
देश की डिजिटल मंत्री ऐनी ले हेनैनफ़ (Anne Le Hénanff) ने भी इस कानून को युवाओं की ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पूर्व प्रधानमंत्री और आगामी राष्ट्रपति चुनाव के संभावित उम्मीदवार गेब्रियल अटल ने इसे “निर्णायक जीत” करार देते हुए कहा कि यह कानून बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित खतरों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा।
नए कानून के तहत सितंबर से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से बनाए जाने वाले सभी नए सोशल मीडिया अकाउंट्स पर यह नियम लागू होगा, जबकि पहले से मौजूद अकाउंट्स के लिए यह व्यवस्था अगले वर्ष जनवरी से प्रभावी होगी।
