
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) (Central Bureau of Investigation (CBI) and the National Investigation Agency (NIA) को एक बड़ी सफलता मिली है। विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के सहयोग से हत्या और गैरकानूनी गतिविधियों के मामले में वांछित आरोपी मुहम्मदअली कन्नीर पल्लीयालिल (Muhammadali Kanneer Palliyalil) को सऊदी अरब से भारत वापस लाया गया है। आरोपी को गुरुवार को डिपोर्ट कर भारत लाया गया।एनआईए के अनुसार, मुहम्मदअली कन्नीर पल्लीयालिल एक हत्या और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति पर दुकान में घुसकर हमला किया था, जिसमें पीड़ित की मौत हो गई थी। घटना के बाद वह विदेश भाग गया था।
इंटरपोल के रेड नोटिस से हुई गिरफ्तारी
आरोपी की तलाश के लिए एनआईए के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी कराया था। बाद में उसकी मौजूदगी सऊदी अरब में होने की जानकारी मिली, जहां स्थानीय अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत भेज दिया गया।एक अन्य कार्रवाई में सीबीआई ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) (Avinash Arjun Rathod from the United Arab Emirates (UAE) से वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांछित अविनाश अर्जुन राठौड़ को भी भारत डिपोर्ट कराया है। राठौड़ पर निवेशकों को निश्चित मासिक रिटर्न का झांसा देकर विभिन्न योजनाओं में निवेश करवाने और करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है।
निवेशकों के धन के दुरुपयोग का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने निवेशकों से जुटाई गई रकम का दुरुपयोग किया और कई बैंक खातों तथा डीमैट खातों के जरिए धन को दूसरी जगह स्थानांतरित किया। उसके खिलाफ भी इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी किया गया था। भारत पहुंचने पर उसे महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) ने हिरासत में ले लिया।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि इंटरपोल और विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से पिछले कुछ वर्षों में 170 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है। एजेंसी ने इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय का महत्वपूर्ण परिणाम बताया।
