
ओंटारियो (कनाडा) : (Ontario (Canada) भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह (India’s top-seeded squash player, Anahat Singh) ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। वह वर्ष 2005 में जोशना चिनप्पा (Joshna Chinappa in 2005) के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। अब अनाहत खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर हैं।महिला एकल सेमीफाइनल में दिल्ली की अनाहत ने मिस्र की तीसरी-चौथी वरीयता प्राप्त बार्ब सामेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। मुकाबले में अनाहत ने शानदार संयम और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
पहली भारतीय चैंपियन बनने का मौका
विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज अनाहत पिछले वर्ष इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अब यदि वह फाइनल जीतती हैं तो विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन (World Junior Squash Champion) बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगी।सेमीफाइनल जीतने के बाद अनाहत ने कहा कि वह अपनी सफलता से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में भी बार्ब सामेह के खिलाफ उनका कड़ा मुकाबला हुआ था और इस बार जीत के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पिछले मुकाबले में वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थीं, इसलिए खुद को साबित करना जरूरी था।
माता-पिता और कोच की मेहनत रंग लाई
अनाहत ने कहा कि उन्होंने चार बार विश्व जूनियर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है। पहले क्वार्टर फाइनल और फिर सेमीफाइनल तक (quarter-finals and then the semi-finals) पहुंचीं, लेकिन इस बार फाइनल में जगह बनाकर उनके माता-पिता और कोच बेहद खुश हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है।खिताबी मुकाबले में अनाहत का सामना मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकय्या सालेम (face Egypt’s second-seeded player, Ruqayya Salem) से होगा। भारतीय स्क्वैश इतिहास में नया अध्याय लिखने के लिए उन्हें अब केवल एक जीत की जरूरत है।
