
हांगझोउ (चीन) : (Hangzhou) भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह और मनु भाकर (Indian shooters Esha Singh and Manu Bhaker) ने आईएसएसएफ विश्व कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भारत को डबल पोडियम दिलाया। ईशा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कांस्य पदक जीतकर भारत की सफलता में चार चांद लगा दिए।
फाइनल में ईशा सिंह ने बेहतरीन निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 40 हिट्स के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, मनु भाकर ने बेहद कड़े मुकाबले में शूट-ऑफ जीतकर अंतिम चरण में जगह बनाई और 28 हिट्स के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। मनु भाकर ने 586-20x के शानदार स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि ईशा सिंह 585-18x के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों खिलाड़ियों ने आसानी से आठ निशानेबाजों के फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। पूर्व एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत ने 582-16x का स्कोर बनाया। वहीं, रैंकिंग प्वाइंट्स ओनली (Ranking Points Only) (RPO) श्रेणी में खेल रहीं सिमरनप्रीत कौर बराड़ ने 576-20x और अभिद्न्या अशोक पाटिल ने 573-16x का स्कोर किया।
स्वर्ण पदक जीतने के बाद ईशा सिंह ने कहा कि म्यूनिख विश्व कप में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतने के बाद इस प्रतियोगिता में मानसिक दबाव काफी अधिक था, लेकिन वह उस चुनौती से पार पाने में सफल रहीं। उन्होंने कहा कि हांगझोउ उनके लिए हमेशा खास रहा है, क्योंकि एशियाई खेलों में उन्होंने यहां चार पदक जीते थे और इस रेंज से परिचित होने का उन्हें फायदा मिला।
मनु भाकर ने कहा कि यह कांस्य पदक उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि उनकी तैयारी सही दिशा में आगे बढ़ रही है। इस प्रतियोगिता का अनुभव आगामी विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
गौरतलब है कि 21 वर्षीय ईशा सिंह ने इसी वर्ष म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में फाइनल में 43 हिट्स के साथ सीनियर और जूनियर दोनों वर्गों का विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीतकर इतिहास रचा था और वह स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनी थीं, जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक अपने नाम किए। अब हांगझोउ विश्व कप (Hangzhou World Cup) में भी दोनों भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर भारत के पदक अभियान को और मजबूती प्रदान की।
