
25 देशों के खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
2 अगस्त तक रोमांचक मुकाबलों की साक्षी बनेगी दिल्ली
नई दिल्ली : (New Delhi) राजधानी दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में सोमवार को 22वीं राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप (22nd Commonwealth Table Tennis Championship) का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद (Delhi Chief Minister Rekha Gupta and Education Minister Ashish Sood) शामिल हुए। 27 जुलाई से दो अगस्त तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में राष्ट्रमंडल के 25 देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने कहा कि देश की राजधानी में आयोजित यह चैंपियनशिप दिल्ली के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक है और इसकी मेजबानी करना दिल्ली सरकार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों, कोचों, अधिकारियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता की सफलता की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार खेल अवसंरचना को लगातार मजबूत कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे युवा और छात्र खेल गतिविधियों में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रेरित हों। उन्होंने राष्ट्रमंडल के 25 देशों से आए खिलाड़ियों, कोचों और प्रतिनिधिमंडलों का दिल्ली में हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, यादगार पल रचें और दिल्ली की आत्मीयता की सुखद यादें अपने साथ लेकर जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अगस्त तक त्यागराज स्टेडियम (Thyagaraj Stadium) रोमांचक मुकाबलों का गवाह बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में दिल्ली वैश्विक खेल केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से भी इस खेल महोत्सव का हिस्सा बनने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि खेल, मित्रता और उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना से जुड़े राष्ट्रमंडल के 25 देशों के खिलाड़ियों की मेजबानी करना दिल्ली के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि हजारों किलोमीटर की यात्रा कर भारत पहुंचे सभी खिलाड़ियों का दिल से स्वागत है।
आशीष सूद ने विश्वास जताया कि खिलाड़ी यहां से केवल पदकों की यादें ही नहीं, बल्कि भारत की मेहमाननवाजी, समृद्ध संस्कृति और दिल्लीवासियों के स्नेह की अविस्मरणीय स्मृतियां भी अपने साथ लेकर जाएंगे।
