
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र (Maharashtra) में अब स्कूलों के आसपास बर्गर, पिज्जा, सॉफ्ट ड्रिंक और अधिक वसा, ट्रांस फैट तथा चीनी वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री, विज्ञापन और प्रचार पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) (Maharashtra Food and Drug Administration) ने राज्य के सभी स्कूलों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
बच्चों में स्वस्थ खानपान को बढ़ावा देने की पहल
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंधे (FDA Commissioner Tukaram Mundhe) ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों में स्वस्थ खानपान की आदतों को बढ़ावा देना और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ खानपान की संस्कृति विकसित करना और आने वाली पीढ़ी को बेहतर स्वास्थ्य देना इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है।
स्कूल प्रबंधन को दी गई जिम्मेदारी
नए निर्देशों के तहत स्कूल परिसर और उसके आसपास अधिक वसा, ट्रांस फैट और चीनी वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री, विज्ञापन या प्रचार की अनुमति नहीं होगी। इन नियमों को लागू कराने की जिम्मेदारी स्कूलों के प्राचार्यों को सौंपी गई है। एफडीए के अनुसार यह नियम 22 महीने की आयु से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों से संबंधित संस्थानों पर लागू होंगे। निर्धारित दायरे में आने वाले स्कूलों के आसपास ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री, मुफ्त वितरण और प्रचार गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।
27 जुलाई को जारी हुआ आदेश
राज्य सरकार ने 27 जुलाई को सभी शैक्षणिक संस्थानों में खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी मानकों को लागू करने के लिए आदेश जारी किया था। इसी के तहत अब स्कूलों के आसपास जंक फूड पर नियंत्रण के कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में बढ़ते मोटापे, मधुमेह और अन्य जीवनशैली संबंधी रोगों को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे विद्यार्थियों में पौष्टिक और संतुलित आहार की आदत विकसित करने में मदद मिलेगी।
