
नई दिल्ली : (New Delhi) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को एक फैसले में कहा कि भारतीय वायुसेना के जवानों के पास सिविल पदों पर नौकरी पाने के लिए अपनी मर्जी से सेवा छोड़ने का कोई अधिकार नहीं है।
कोर्ट ने साफ किया कि नौकरी छोड़ने से पहले अनुमति लेना कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है जिसे नजरअंदाज किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखने के लिए वायुसेना की प्रक्रियात्मक जरूरतों का सख्ती से पालन करना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय वायुसेना के कॉर्पोरल नखत सिंह (Indian Air Force Corporal Nakhat Singh) की अपील को खारिज कर दिया। नखत सिंह राजस्थान लोक सेवा आयोग (Rajasthan Public Service Commission) द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) के पद पर चुने गए थे और उन्होंने एनओसी व डिस्चार्ज की मांग की थी।
