
सीवान : (Siwan) वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में गुरुवार को मांझी के विधायक रणधीर कुमार सिंह (Manjhi MLA Randhir Kumar Singh) को बड़ी राहत मिली। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी नेहा त्रिपाठी (Judicial Magistrate Neha Tripathi) की अदालत ने गुरुवार को साक्ष्य के अभाव में उन्हें दोषमुक्त (बरी) कर दिया।
न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार, 30 अप्रैल 2014 को बसंतपुर थाना क्षेत्र के बैजू बरहोगा पंचायत के सेरिया गांव में अग्निपीड़ितों के बीच धोती और साड़ी वितरण किए जाने की सूचना पर तत्कालीन राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बसंतपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) के महाराजगंज लोकसभा प्रत्याशी प्रभुनाथ सिंह के पुत्र रणधीर कुमार सिंह तथा अन्य दो लोगों को आरोपित बनाया गया था।
विधायक की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अविनाश कुमार सिंह उर्फ मदन सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी नेहा त्रिपाठी की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दो गवाहों की गवाही कराई गई, लेकिन दोनों गवाह अपने पूर्व के बयान से मुकर गए। इसके बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए रणधीर कुमार सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
इस फैसले के बाद विधायक समर्थकों में खुशी का माहौल है। वहीं, यह मामला वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन से जुड़ा था, जिसकी सुनवाई करीब 12 वर्षों से न्यायालय में चल रही थी।
