
7 पदकों के साथ अभियान समाप्त
ग्लासगो : (Glasgow) राष्ट्रमंडल खेल 2026 (2026 Commonwealth Games) की पैरा स्पर्धाओं में भारत ने अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सात पदकों के साथ अभियान का शानदार समापन किया। भारतीय पैरा खिलाड़ियों (Indian para-athletes) ने तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
भारत को सबसे बड़ी सफलता पैरा एथलेटिक्स में मिली, जहां खिलाड़ियों ने कुल छह पदक अपने नाम किए। इनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में 20 वर्षों बाद पैरा एथलेटिक्स में पदक जीतने का सूखा भी समाप्त कर दिया। वहीं, पैरा पावरलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने एक कांस्य पदक जीतकर कुल पदक संख्या सात तक पहुंचाई।
इस बार भारतीय दल ने तीन स्पर्धाओं में ऐतिहासिक डबल पोडियम भी हासिल किए। महिलाओं की शॉटपुट एफ57, पुरुषों की शॉटपुट एफ57 और पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धाओं में दो-दो भारतीय खिलाड़ियों ने एक साथ पदक जीतकर नया इतिहास रचा।
भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान एक गेम्स रिकॉर्ड और एक एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया, जो इस अभियान की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। इन सफलताओं के पीछे भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले पैरा पावरलिफ्टिंग टीम का प्रशिक्षण शिविर साई गांधीनगर में, जबकि पैरा एथलेटिक्स टीम का प्रशिक्षण साई बेंगलुरु में आयोजित किया गया था।
भारत का यह प्रदर्शन देश में पैरा खेलों के निरंतर विकास, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है। खिलाड़ियों के इस ऐतिहासिक अभियान ने भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी नई उम्मीदें जगाई हैं।
