
पिथौरागढ़/धारचूला : (Pithoragarh/Dharchula) कोविड-19 महामारी के कारण करीब छह वर्षों से बंद लिपूलेख दर्रे के रास्ते भारत-चीन सीमा व्यापारI (india-China border trade via the Lipulekh Pass) शनिवार से फिर शुरू हो गया। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले (Uttarakhand’s Pithoragarh district) से भारतीय व्यापारियों का पहला दल चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र स्थित तकलाकोट पहुंचा, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वर्ष 2026 के सीमा व्यापार का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
भारत-तिब्बत व्यापार संघ (India-Tibet Trade Association) के अध्यक्ष जीवन सिंह रौकली (Jeevan Singh Raukali) के नेतृत्व में 16 पंजीकृत व्यापारियों और चार सहायकों का 20 सदस्यीय दल लिपूलेख दर्रे से सीमा पार कर तकलाकोट मंडी (Taklakot market) पहुंचा। दल ने चीन प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद व्यापारिक गतिविधियां शुरू कीं।
पहले से पंजीकृत व्यापारियों को ही अनुमति
धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी (Ashish Joshi) ने बताया कि व्यापारिक दल ने पहले गुंजी स्थित इमिग्रेशन केंद्र पर सभी औपचारिकताएं पूरी कीं और नाबीढांग में रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह चीन के अधिकारियों की जांच और अनुमति के बाद दल ने सीमा पार की।
प्रशासन के अनुसार, फिलहाल केवल पहले से पंजीकृत और पूर्व में सीमा व्यापार कर चुके व्यापारियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। इसी कारण पहला दल भारत से नया माल लेकर नहीं गया। आगामी चरणों में अन्य पंजीकृत व्यापारियों को भी चीन प्रशासन (Chinese administration) की अनुमति मिलने के बाद क्रमवार तकलाकोट भेजा जाएगा।
