
ताइपे (ताइवान) : (Taipei) भारत की 17 वर्षीय उभरती बैडमिंटन स्टार तन्वी शर्मा (17-year-old rising badminton star Tanvi Sharma) ने ताइपे ओपन सुपर-300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का महिला एकल खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। रविवार को खेले गए फाइनल में तन्वी ने वियतनाम की थुई लिन्ह गुयेन (Thuy Linh Nguyen) को सीधे गेमों में 21-16, 21-16 से हराकर अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब अपने (first BWF World Tour title of her career) नाम किया।
महज 36 मिनट तक चले मुकाबले में तन्वी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और अनुभवी वियतनामी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की। पिछले साल यूएस ओपन सुपर-300 में उपविजेता रहीं तन्वी ने इस बार खिताब जीतकर साबित कर दिया कि वह भारतीय बैडमिंटन की अगली बड़ी स्टार बनने की राह पर हैं। उनके खेल में लगातार आक्रामकता और निरंतरता साफ दिखाई दी।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बाएआई) (Badminton Association of India) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तन्वी की उपलब्धि की सराहना करते हुए लिखा, 17 साल की उम्र… रिकॉर्ड तोड़ने वाली… चैंपियन! तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन 2026 जीतकर टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे युवा चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। साथ ही वह सुपर-300+ खिताब जीतने वाली भारत की चौथी महिला एकल खिलाड़ी भी बन गई हैं।”
तन्वी ने फाइनल में पहुंचने से पहले सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की हुआंग यू-हसुन को 21-17, 21-11 से हराया था। तन्वी शर्मा की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और आने वाले वर्षों में उनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
