
मुंबई : (Mumbai) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat, the Sarsanghchalak of the Rashtriya Swayamsevak Sangh) छह अगस्त को मुंबई में आयोजित होने वाले इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशंस (आईआईएमयूएन) यूथ कॉन्फ्रेंस (India’s International Movement to United Nations’ (IIMUN) Youth Conference) में देशभर के युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। तीन दिवसीय यह सम्मेलन 6 से 8 अगस्त तक आयोजित होगा, जिसमें 100 से अधिक शहरों के 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के दो हजार से अधिक स्कूली और कॉलेज छात्र-छात्राएं भाग लेंगे।
नेतृत्व, एआई और राष्ट्र निर्माण पर होगा संवाद
आयोजकों के अनुसार, आईआईएमयूएन के 15 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन सत्र संवादात्मक होगा। इसमें छात्र-छात्राओं को सीधे प्रश्न पूछने और अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। चर्चा के प्रमुख विषयों में नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण, नैतिक मूल्य, भारतीय संस्कृति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), तकनीकी बदलाव, सामाजिक दायित्व और बदलती दुनिया में युवाओं की भूमिका शामिल रहेगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं की सक्रियता के बीच आयोजन
हाल के महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली है। नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में छात्र आंदोलनों और सोशल मीडिया अभियानों ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व का युवाओं से प्रत्यक्ष संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक मुद्दों पर करेंगे मंथन
सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न समितियों की कार्यप्रणाली का अनुकरण करते हुए जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, मानवाधिकार, वैश्विक अर्थव्यवस्था, सतत विकास और शांति स्थापना जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। आयोजन का उद्देश्य छात्रों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच, नीति निर्माण की समझ और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करना है। आयोजकों का मानना है कि यह सम्मेलन नई पीढ़ी को देश और दुनिया से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी भूमिका समझने का प्रभावी मंच प्रदान करेगा।
