
मुंबई : (Mumbai) प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर (famous Siddhivinayak Temple) से दान राशि में कथित अनियमितता और चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। मंदिर ट्रस्ट ने दावा किया है कि पिछले कुछ समय में दान के पैसों में करीब 18 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। मामले में अब तक 46 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी की निगरानी में हुआ खुलासा
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर (Sada Sarvankar, Chairman of the Siddhivinayak Temple) ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंदिर में दान राशि की चोरी का खेल लंबे समय से चल रहा था। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी)( Anti-Corruption Bureau) की निगरानी शुरू की गई। दान राशि की गिनती के दौरान एसीबी अधिकारियों को विभिन्न प्रवेश और निकास द्वारों पर तैनात किया गया था। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्ष निगरानी के आधार पर कुछ कर्मचारियों को कथित रूप से चोरी करते हुए पकड़ा गया।
मुख्य आरोपी समेत कई लोग गिरफ्तार
ट्रस्ट के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी राजन पेंडुलकर (Rajan Pendulkar) है, जिसे अन्य सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
राजनीतिक आरोपों से बढ़ा विवाद
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। सदा सरवणकर ने आरोप लगाया है कि चोरी में शामिल कुछ लोगों का संबंध शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित कर्मचारियों की नियुक्ति पूर्व ट्रस्ट कार्यकाल के दौरान हुई थी। सबसे पहले इस मामले में मनसे सुप्रीमो राज ठाकरे (MNS chief Raj Thackeray) ने गंभीर आरोप लगाया था। उनका दावा था कि मंदिर में बड़े पैमाने पर पैसों की लूट हो रही है। राज ठाकरे ने बताया कि मंदिर के दानपात्र से कर्मचारी पैसे चुरा रहे थे। जब ये लूट सामने नहीं आई थी, तब मंदिर में हफ्ते में 50 लाख रुपये का चढ़ावा आता था। लेकिन जब चोर पकड़े गए, तो यह रकम बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। इसका मतलब है कि मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी हो रही थी।
वीआईपी दर्शन और फूल विक्रेताओं से सांठगांठ के आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से ऑनलाइन भुगतान लेकर वीआईपी दर्शन की व्यवस्था की जा रही थी। इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, कुछ कर्मचारियों पर मंदिर के बाहर स्थित फूल विक्रेताओं के साथ मिलकर श्रद्धालुओं से पैसे लेकर विशेष प्रवेश दिलाने का आरोप भी लगाया गया है।
सीआईडी जांच की मांग
सदा सरवणकर ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए सीआईडी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है।
जांच पर टिकीं सभी की नजरें
मंदिर ट्रस्ट के दावों और हुई गिरफ्तारियों के बाद यह मामला महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन गया है। अब आगे की पुलिस जांच, संभावित सीआईडी जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
