
नई दिल्ली : (New Delhi) संसद के दोनों सदनों में अयोध्या के राममंदिर (Ram Temple in Ayodhya) चढ़ावा चोरी और जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कठोर कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार को भी कार्यवाही बाधित हुई। लगातार शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 02 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
मानसून सत्र के 11वें दिन लगातार आज भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दाें पर सरकार के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।इस पर अध्यक्ष ओम बिरला (Speaker Om Birla) ने सदस्यों ने प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया और अपने मुद्दों को नियमानुसार उठाने की नसीहत दी लेकिन विपक्षी सांसदों ने एक नहीं सुनी। बार बार की अपील पर भी हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।
उधर, राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों ने इन्हीं मुद्दों पर सदन के बीचोंबीच आ कर विरोध में नारेबाजी की जिसके कारण सदन में कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और सभापति के राधाकृष्णन (Chairman K. Radhakrishnan) को सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी।
बाद में संसद परिसर में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। मकर द्वार के निकट एकत्र विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) से जवाब की मांग करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर रविवार को उनके दिल्ली स्थित आवास पर प्रेस वार्ता के दौरान हुए कथित हमले का मुद्दा भी संसद में जोर-शोर से उठा। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party President Akhilesh Yadav) ने सांसद की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि एक सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल (BJP MP Sanjay Jaiswal) ने पप्पू यादव के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर किए गए प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने सदन की गरिमा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) के कक्ष में हुई। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विभिन्न विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने संसद के भीतर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया (Samajwadi Party MP Anand Bhadauria) ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा इस मामले से बच नहीं सकती और उसे जवाब देना होगा। वहीं माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने पप्पू यादव पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए कहा कि किसी सांसद के साथ इस तरह की घटना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और असहमति का जवाब हिंसा नहीं हो सकता।
संसद के मौजूदा सत्र में सरकार ने आठ विधेयकों को सूचीबद्ध किया है। इनमें से वंदे मातरम् विधेयक और लोक परीक्षा (Amendment) विधेयक दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं। सोमवार को सरकार लोकसभा में विदेशी अंशदान (Regulation) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक पेश कर सकती है।
उल्लेखनीय है कि 31 जुलाई को संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्षी सांसदों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया था। उस दौरान पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे थे और विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया था। इस प्रदर्शन के बाद संत समाज और भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
